दो किस्तों में देना होगा मूलधन,15 जून को भरनी होगी पहली किस्त

खास बातें

  • मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना में प्रोत्साहन राशि बढ़ा 265 रुपये की
  • 17 लाख 78 हजार किसान होंगे लाभान्वित
  • हर किसान को 5000 का मुआवजा
  • संभागीय मुख्यालय में 5-5 तहसीलें बनेंगी
  • 1 लाख की आबादी पर 1 तहसील
  • नायब तहसीलदार के 550 नये पद सृजित होंगे
  • हर विस क्षेत्र में एक-एक नायब तहसीलदार और सभी जिलों में 11 नायब तहसीलदार के पद मंजूर

भोपाल,

सहकारी बैंकों से कृषि ऋण लेने वाले 15 लाख 78 हजार डिफाल्टर किसानों का ब्याज समाधान योजना के तहत माफ कर दिया जाएगा. इससे सरकार पर 2600 करोड़ रूपये का भार आएगा.

किसान कर्ज के मूलधन की राशि दो किश्तों में जमा कर सकेंगेे. पहली किश्त 15 जून तक देनी होगी. इससे किसान नया कृषि ऋण लेने के पात्र बन जाएंगे. वे जितनी राशि जमा करेंगे उतनी राशि का ऋण तत्काल लेकर खाद-बीज व खेती के लिये जरूरी अन्य चीजों की खरीददारी कर सकेंगे.

यह जानकारी जनसंपर्क एवं संसदीय कार्यमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने आज यहां पत्रकारों को दी. डॉ. मिश्र मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिये गये फैसलों की जानकारी दे रहे थे. उन्होंने पेयजल संकट, खाद्यान्न खरीदी, प्राकृतिक आपदा में मुआवजा और कल्याणी कल्याण से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण फैसलों के बारे में भी बताया.

उन्होंने कहा कि भोपाल, इंदौर में 5-5, ग्वालियर, जबलपुर में 3-3 और उज्जैन में 2 नई तहसीलें गठित होंगी. इस प्रकार 30 नगरीय निकाय में 43 नई तहसीलें बनेंगी. इनके गठन से नामांतरण, जाति, मूल निवास प्रमाण पत्र बनने में लोगों को आसानी होगी.

पेयजल संकट से निपटने प्रभारी मंत्रियों को निर्देश

तेजी से बढ़ते तापमान और उससे उपजने वाले पेयजल संकट पर भी मंत्रिपरिषद ने विचार किया. डॉ. मिश्र ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों को निर्देश दिया है कि वे पीएचई और अन्य विभागों से जानकारी हासिल कर शहरों और गांवों की पेयजल समस्या से संबंधित जानकारी एकत्रित करवाएं. इस पर अगले सोमवार को विचार कर जरूरी कदम उठाने पर विचार होगा.

इसकी के साथ खराब हैंडपंपों व नल-जल योजनाओं को जल्दी दुरस्त करवाने के प्रयास करने को भी कहा गया है. उल्लेखनीय है कि प्रदेश में कई शहर तो ऐसे हैं जहां एक दिन छोडकर से लेकर चार चार दिन बाद पेयजल आपूर्ति की स्थिति बन जाती है.

गेहूं-धान खरीदी सेंटर यथावत रहेंगे

डॉ. मिश्र ने बताया कि मंडियों से गेंहूं व धान खरीदी सेंटरों को यथावत बनाए रखने का फैसला भी लिया गया है. प्रभारी मंत्री भी जिलों में खरीद पर नजर रखेंगे. वहीं मुख्यमंत्री निवास पर इसके लिये कंट्रोल सेंटर खरीदी पर नजर रखने का काम करता रहेगा.

उन्होंने कहा कि पिछले साल मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना में दो सौ रूपया क्विंटल देने का जो फैसला लिया गया था उसका भुगतान इस साल 16 अप्रैल से शुरू कर दिया जाएगा.

इस साल की खरीद पर प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर 265 रूपया कर दी गई है, उसका भुगतान 10 जून से समारोहपूर्वकर करना प्रारंभ कर दिया जाएगा. चना, मसूर और सरसों पर भी इस साल इस योजना में प्रोत्साहन राशि सौ रूपया क्विंटल दी जाएगी.

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