जनसभा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसान महासभा में किया किसानों का सम्मान

नवभारत न्यूज मुरैना,

किसान दिन को दिन नही कहता, वह रात भर मेहनत करता है. इनकी मेहनत से ही प्रदेश निरंतर प्रगति कर रहा है. ऐसे किसानों को उनकी मेहनत और पसीना का पूरा लाभ और सम्मान मिलेगा.

यह बात मुख्यमंत्री शिवराज ङ्क्षसह चौहान ने मुरैना जिले में किसान सम्मान यात्रा के प्रथम पड़ाव के अवसर पर आयोजित किसान सभा में कहीं. उन्होने किसान महासभा में जिले के किसानों को सम्मानित भी किया. उन्होंने कहा कि जब उत्पादन की अधिकता होती है तो कई बार फसलों के दाम गिर जाते हैं. किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले, इसके लिए प्रदेश सरकार कई योजनाए संचालित कर रही है.

उन्होने कहा कि चंबल क्षेत्र के विकास के लिए किसानों की मेहनत के साथ सरकार भी पूरी तरह से उनके साथ है. चंबल नहर, जिसका पानी पूर्व में मुरैना तक भी नही पहुंचता था, आज पूरे चंबल रीजन में पहुंचाया जा रहा है. चंबल के बीह$डों को गुलजार करने के लिए चंबल एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया जा रहा है और चंबल रीजन में आर्मी की भर्ती हो, इसके लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं.

इसके पूर्व केन्द्रीय पंचायत राज ग्रामीण विकास एवं खनन मंत्री नरेन्द्र ङ्क्षसह तोमर ने कहा कि हमारा राज्य कृषि प्रधान है और कृषि प्रधान मुख्यमंत्री भी है. जब दोनों ही प्रगतिशील है तो राज्य को ऊंचाईयों तक पहुचने से कोई रोक नहीं सकता. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संकल्प लिया है कि २०२२ तक किसानों की आमदनी दुगनी करना है.

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नन्दकुमार चौहान ने कहा कि किसानों को बगैर ब्याज के ऋण प्रदाय किया जा रहा है. किसान मोर्चा के अध्यक्ष रणवीर ङ्क्षसह रावत ने कहा कि किसानो की आय दुगनी करने तथा किसानों को लाभ देने के लिए प्रदेश सरकार दृ$ढ संकल्पित होकर कार्य कर रही है.

इस अवसर पर प्रभारी मंत्री श्रीमती माया ङ्क्षसह, स्वास्थ्य मंत्री रूस्तम ङ्क्षसह, राज्यमंत्री लालङ्क्षसह, महापौर अशोक अर्गल, जिपं अध्यक्ष श्रीमती गीता हर्षाना, सांसद भागीरथ प्रसाद, विधायक सत्यपाल ङ्क्षसह सिकरवार, सूबेदार ङ्क्षसह रजौधा, प्रदेश महामंत्री वीडी शर्मा, प्रदेश संगठन मंत्री सुभाष भरत, भाजपा जिलाध्यक्ष अनूप ङ्क्षसह भदौरिया, मोर्चा के जिला मंत्री राघवेन्द्र उपाध्याय सहित जनप्रतिनिधि कृषक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण लोग उपस्थित थे

सीएम को घेरा

जनसभा के दौरान बड़ी संख्या में जिले भर की आशा कार्यकर्ताऐं पहुंचीं हुई थी. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आगमन के साथ ही उनके द्वारा ज्ञापन सौंपे जाने की मांग की जा रही थी. जिस पर अधिकारियों ने उन्हें प्रतिनिधिमण्डल को मुख्यमंत्री से मिलाने का आश्वासन दिया. लेकिन जनसभा खत्म होने तक आशा कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधिमण्डल मुख्यमंत्री से ना मिल सका.

जनसभा के बाद जब मुख्यमंत्री आयोजन स्थल से वाहन में सवार होकर निकलने लगे, तभी आशा कार्यकर्ताओं ने उनका घेराव करना शुरू कर दिया. उनके द्वारा मुर्दाबाद के नारे भी लगाए गए. आशाओं का यह घेराव करीब दस मिनट तक चलता रहा. कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने आशाओं को हटाकर मुख्यमंत्री के वाहन को रवाना किया.

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