वाजिब दाम नहीं मिलने से थे नाराज

सीहोर,

सीहोर में लागत मूल्य नहीं मिलने से नाराज़ किसानों ने टमाटर बेचने के बजाय सडक़ पर फेक दिया. किसानों का कहना है कि 100 किलो टमाटर पर उन्हें मात्र 680 रुपये मिल रहा है जबकि इसपे लागत 3,320 रुपये का है. इस तरह के हालात किसानों के लिए ठीक नहीं है.

इसका मतलब यह हुआ कि किसानों को 1 किलों टमाटर के बदले में मात्र 6-7 रुपये दिए जा रहे हैं. वहीं बाज़ार में टमाटर के मूल्य की बात करें तो लगभग 20-25 रुपये प्रति किलो की दर से बेचे जा रहे हैं.

ज़ाहिर है किसान द्वारा उत्पादन मुल्य से कम पैसा मिलने का आरोप बार-बार लगता रहा है. इससे पहले 6 जनवरी को उत्तर प्रदेश विधानसभा के बाहर नाराज किसानों ने कम कीमतों के विरोध में आलू फेंककर प्रदर्शन किया था. किसानों का आरोप था कि उन्हें प्रति किलो आलू की कीमत 4 रुपए मिल रही है जो ठीक नहीं है. किसानों की मांग थी कि उन्हें कम से कम 10 रुपए प्रति किलो आलू के दाम मिले.