नगर निगम की लापरवाही आई सामने, लोगों में दिखा नगर निगम के प्रति आक्रोश

  • डेढ़ साल का था मासूम

नवभारत न्यूज भोपाल,

गौतम नगर इलाके में सुबह के समय दिल को दहला देने वाली घटना सामने आई. यहां पर डेढ़ साल के मासूम को कुत्तों ने नौंच खाया, जब लोग उसे उपचार के लिए अस्पताल ले गए तो चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया.

जब लोगों ने इसकी जानकारी नगर निगम के अधिकारी को दी तो उन्होंने मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके चलते लोगों ने प्रदर्शन तक किया. पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है. गौतम नगर पुलिस के मुताबिक पीजीबीटी कॉलेज के पास धार वाली बस्ती में रहने वाला इमरान छुरियों में धार लगाने का काम करता है. उनका घर नाले केे पास है.

गुरूवार को उनका डेढ़ वर्षीय बेटा शेख रजा घर के बाहर खेल रहा था, तभी वह अचानक नाले में जा गिरा, इसी बीच उस पर आधा दर्जन कुत्तों ने हमला कर दिया और उसे बुरी तरह नोंच डाला.

बताया जाता है कि नाले में कुत्ते मीट दुकानदारों द्वारा फेंके गए मांस के टुकड़ों की तलाश में वहां पर एकत्रित रहते हैं. जैसे ही बच्चे की चीखने की आवाज लोगों ने सुनी उसे तुरंत उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत बताया. बताया जा रहा है कि सबसे पहले बच्चे को नाले में गिरता एक बुजुर्ग ने देखा, वे मदद के लिए काफी जोर से चिल्लाए, लेकिन किसी ने उनकी आवाज नहीं सुनी.

लोग बोले- लंबे समय से कर रहे शिकायत, कोई नहीं सुन रहा

लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से आवारा कुत्तों को पकडऩे व उनके द्वारा लोगों को काटने की जानकारी नगर निगम को दे रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायत को नगर निगम गंभीरता से नहीं ले रहा.

राजधानी में कई मौहल्लों में कुत्तों ने आंतक मचा रखा है. अशोका गार्डन, महामाई का बाग, कैलाश नगर, जिंसी, शाहजंहानाबाद, करोंद, सेमरा, अरेरा कॉलोनी, रेलवे स्टेशन सहित कई स्थानों पर रात 8 बजे के बाद निकलना मुश्किल हो जाता है, क्योंकि ये कुत्ते लोगों के पीछे पड़ जाते हैं.

फोन लगाया तो निगम अधिकारी ने की अभद्रता

मासूम की मौत से गुस्साए लोगों में नगर निगम के प्रति आक्रोश देखा गया. जब लोगों ने घटना के बाद नगर निगम के अधिकारी राजीव सक्सैना को फोन लगाया तो पहले तो उन्होंने घटना की जानकारी तक लेना उचित नहीं समझा और जब मासूम के मौत की जानकारी दी तो वे भडक़ गए और अभद्रता करने लगे और फोन काट दिया.

कार्रवाई सवालों के घेरे में

नगर निगम के अधिकारी भी इस बात को स्वीकारते हैं कि शहर में कुत्तों का आतंक है. मिली जानकारी के मुताबिक नगर निगम पिछले तीन सालों में कुत्तों की नसबंदी पर सवा करोड़ रुपए खर्च होने की बात कह रहा है. नगर निगम के मुताबिक शहर में सवा लाख से अधिक कुत्तों की संख्या है.

नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि हर रोज 40 से अधिक कुत्तों की नसबंदी की जा रही है, उनके मुताबिक अभी तक 15 हजार से अधिक कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है.

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