नौकरी पर वापस नहीं लेने का आरोप

  • पूर्व महिला प्रोफेसर ने दायर किया केस

नवभारत न्यूज भोपाल,

भोज यूनिवर्सिटी के कुलपति आआर कान्हेरे सहित सहित छह अफसरों और प्रोफेसर्स के खिलाफ वहीं की एक पूर्व प्रोफेसर अंजू शर्मा ने न्यायिक मजिस्ट्रेट सिराज अली की अदालत में निज परिवाद पत्र दायर कर उनके खिलाफ अपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है.

एडवोकेट पुनीत तिवारी ने बताया कि भोज मुक्त यूनिवर्सिटी भोपाल ने वर्ष 2002 में अंजू शर्मा सहित अन्य लोगों को प्रोफेसर के पद पर नियमित नियुक्ति प्रदान की थी. 13 सितंबर 2007 को बिना किसी कारण के परिवादिनी सहित डॉ. हेमलता और डॉ. ज्योति स्थापक की सेवाएं समाप्त कर दी थीं जबकि अन्य लोगों को यथावत रखा गया था.

सेवाएं समाप्त किए जाने पर परिवादिनी सहित डॉ. हेमलता और डॉ. ज्योति स्थापक ने मप्र हाईकोर्ट में यूनिवर्सिटी के खिलाफ याचिकाएं दायर की थीं. मप्र हाईकोर्ट ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को याचिकार्ताओं को पुन. नौकरी पर लेने के निर्देश दिए गए थे.

मप्र हाईकोर्ट के आदेश के पालन में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अन्य दो प्रोफेसर्स को तो वापस नौकरी पर रख लिया लेकिन परिवादनी के मामले को कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उलझा दिया. अदालत ने परिवाद को स्वीकार कर मामले की अगली सुनवाई तारीख 24 फरवरी नियत की है.

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