• हड़ताल कर जताई नाराजगी
  • नहीं उठाया सामान

नवभारत न्यूज भोपाल,

केन्द्रीय सरकार की नीतियों के विरोध में कुलियों की एकजुटता राजधानी के रेलवे स्टेशनों पर दिखाई दी. क्योंकि कुली न तो यात्रियों की आवाज सुन रहे थे और ना ही किसी का सामान उठा रहे थे. लिहाजा सामान के साथ यात्रा करने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है.

यहां बता दें कि भोपाल और हबीबगंज रेलवे स्टेशन पर ही करीब 150 से अधिक कुली कार्यरत्ï हैं. यह सभी केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर एक दिवसीय हड़ताल पर गये थे. यहां इसका नेतृत्व कुली यूनियन एसोसिएशन भोपाल कर रही थी.

देशभर में दिल्ली से लेकर मुंबई तक बुधवार को कुलियों की एक दिवसीय हड़ताल रही, जिसके चलते यात्रियों को रेलवे स्टेशन पर काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. यात्रियों को अपना सामान खुद ही उठाना पड़ा साथ ही कुछ स्थितियों में जहां व्हील चैयर स्ट्रेचर आदि की आवश्यकता पड़ती है और कुलियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, उन जगहों पर भी यात्री परेशान रहे. राजधानी में भी कुलियों की हड़ताल का खासा असर देखने को मिला. यहां लगभग 150 कुली सेवाएं दे रहे हैं.

हड़ताल को लेकर कुलियों का कहना है कि केंद्र में कांग्रेस सरकार में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने सन्ï 2008 में कुलियों को रेलवे में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में मान्यता देने के लिये डी-ग्रुप बनाया था, जहां पढ़े-लिखे और युवा कुलियों को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में मान्यता दी गई थी और लालू प्रसाद यादव द्वारा कहा गया था कि हर पांच साल में डी-ग्रुप के जरिये कुलियों को रेलवे में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में मान्यता दी जायेगी.

उसके बाद ममता बेनर्जी को रेल मंत्री के रूप में मनोनीत किया गया और ममता बेनर्जी ने लालू प्रसाद यादव द्वारा कुलियों के लिये बनाया गया डी-ग्रुप प्लान बंद कर दिया. इस पर कुलियों का कहना है कि वर्तमान में 8 साल से किसी कुली को डी-गुप में नहीं लिया गया है जबकि 5 साल का नियम बनाया गया था. बुजुर्ग कुली तो डी-ग्रुप में जा नहीं रहे थे और जो युवा कुली हैं उनमें एक आशा की किरण जाग उठी थी.

आज के परिदृश्य में कुलियों का जीवन काफी बदतर स्थिति में पहुंच चुका है. कभी-कभी तो कमाई के नाम पर सौ रुपये भी कुली को दिनभर की मेहनत के बाद भी नहीं मिल पाते, जिससे परिवार चलाना, बच्चों की पढ़ाई आदि बहुत ही मुश्किल हो जाता है. इसलिये डी-ग्रुप में भर्ती की मांग को लेकर कुलियों ने बुधवार को एक दिवसीय हड़ताल का फैसला लिया. साथ ही कहा कि यदि मांग नहीं मानी गई तो कुली आगे भी आंदोलन करने को मजबूर होंगे.

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