आधार से प्रॉपर्टी जोडऩा अनिवार्य

नई दिल्ली,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब नोटबंदी की घोषणा की तो यह कहते हुए उनकी काफी आलोचना की गई कि ब्लैक मनी कैश नहीं अचल संपत्ति के जरिए जमा की जाती है.

हालांकि सरकार यह कहती रही है कि नोटबंदी ब्लैक मनी के खिलाफ एक कदम है और ऐसे और कई उपाय किए जाएंगे. ब्लैक मनी के खिलाफ सरकार एक और बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है और इस बार निशाने पर प्रॉपर्टी है.

पहली बार एक केंद्रीय मंत्री ने इशारा किया है कि प्रॉपर्टी को आधार से जोडऩा अनिवार्य किया जाएगा. आधार पर जोर देकर अर्थव्यवस्था में पारदर्शिता लाने की सरकार की मुहिम का तार्किक अंजाम आधार को प्रॉपर्टी से जोडऩा हो सकता है? इस सवाल के जवाब में पुरी ने कहा, बिल्कुल, यह हर तरह से उसी दिशा में बढ़ रहा है.

मुझे कोई शक नहीं है कि यह होगा. हालांकि पुरी के मुताबिक दो व्यक्तियों के बीच लेनदेन पूरी तरह पारदर्शी नहीं हो सकता, लेकिन अधिक कीमत वाले लेनदेन जैसे प्रॉपर्टी और एयर टिकट की निगरानी की जा सकती है. कैश के इस्तेमाल को लेकर उन्होंने कहा, ऐसी कोई अर्थव्यवस्था नहीं जो पूरी तरह नकदी मुक्त हो, लेकिन स्थिर सिस्टम में लोगों को अधिक मात्रा में कैश लेकर चलने की जरूरत नहीं होती.

हम भी इसी दिशा में बढ़ रहे हैं. जरूरी सेवाओं और सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार लिंकिंग को अनिवार्य बनाए जाने पर काफी बहस छिड़ी हुई है. कोर्ट में कई याचिकाओं पर भी सुनवाई चल रही है.

वाशिंग मशीन, फ्रिज होंगे सस्ते

सरकार ने उपभोक्ता उत्पाद बनाने वाली कंपनियों को हाल ही में जीएसटी रेट कट होने के बाद हुए फायदे को जनता तक पहुंचाने को कहा है. सीबीईसी ने सोमवार को कंपनियों से कहा कि शैंपू, डिटर्जेंट, डियो और दूसरे ऐसे प्रॉडक्ट्स जिन्हें 28 प्रतिशत वाले स्लैब से हटाकर 18 प्रतिशत में रखा गया है उनकी कीमत कम करे. कुछ कंपनियों ने प्राइसेज पहले ही कम कर दिए हैं वहीं, कुछ कंपनियों ने जीएसटी रेट कट के बाद प्रॉडक्ट्स के रेट्स कम नहीं किए हैं.

सीबीईसी के अध्यक्ष वनजा एन सरना ने एफएमसीजी कंपनियों को पत्र लिखकर कहा है कि ऐसे प्रॉडक्ट्स जिनका स्लैब बदला गया है उनकी एमआरपी को तुरंत बदला जाए. वित्त मंत्रालय ने यह जानकारी दी है. वित्त सचिव हसमुख अधिया ने कहा था कि एफएमसीजी कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि जीएसटी रेट कट का फायदा रिटेलर्स उपभोक्ताओं तक पहुंचाए.

एफएमसीजी प्रॉडक्ट्स के अलावा सरकार वाशिंग मशीन, फ्रीज जैसे उत्पादों के टैक्स स्लैब में भी बदलाव करने की तैयारी में है. एसी, वॉशिंग मशीन, डिशवॉशर, फ्रिज और वैक्यूम क्लीनर की कीमतें कम होने की उम्मीद है. लैंप्स, प्रिंटर्स, ग्रिंडर्स पर पहले ही टैक्स कम कर दिया गया था.

अभी ऐसे उत्पाद 28 प्रतिशत स्लैब में हैं. एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि ऐसा करने का कारण इस सेक्टर में मांग बढ़ाने का है.अगले रेट कट से महिलाओं को फायदा पहुंचाने की कोशिश होगी.

चेक बुक बंद कर सकती है सरकार

डिजिटल ट्रांजैक्शंस को बढ़ावा देने के लिए सरकार एक बड़ा फैसला ले सकती है, चेक बुक खत्म करने का. इसके पीछे सरकार का उद्देश्य लेन-देन को पूरी तरह डिजिटल करने का है.

सीएआईटी के सेक्रेटरी जनरल प्रवीण खंडेलवाल ने बताया कि निकट भविष्य में सरकार डिजिटल ट्रांजैक्शंस को बढ़ावा देने के लिए चेक बुक व्यवस्था को खत्म कर दे. खंडेलवाल ने डिजिटल रथ की लॉन्चिंग पर इसकी जानकारी दी थी.

सीएआईटी और मास्टर कार्ड मिलकर इस कार्यक्रम को चला रहे हैं, जिसका उद्देश्य ट्रेडर्स को डिजिटल ट्रांजैक्शंस के तरीके बताने के साथ-साथ कैशलेस इकॉनमी को बढ़ावा देना है.

चेक बुक बैन करने से कैशलेस इकॉनमी की दिशा में क्या फायदा होगा? अधिकतर व्यापारिक लेन-देन चेक के जरिए ही होता है. अभी 95 प्रतिशत ट्रांजैक्शंस कैश या चेक के जरिए होते हैं. नोटबंदी के बाद नकद लेन-देन में कमी आई और चेक बुक का उपयोग बढ़ गया.

सरकार ने इस वित्त वर्ष के अंत तक 2.5 खरब डिजिटल ट्रांजैक्शंस का टारगेट रखा है. इस टारगेट को पूरा करने के लिए सरकार चेक बुक पर जल्द ही बैन लगा सकती है.

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