सीबीएसई पेपर लीक: छात्रों और अभिभावकों ने किया प्रदर्शन, 25 से पूछताछ

खास बातें

  • नाराज छात्रों का कहना है कि या तो सभी विषयों की परीक्षा फिर से हो या किसी की भी नहीं
  • सीबीएसई 10वीं गणित और 12वीं अर्थशास्त्र की परीक्षा फिर से होगी
  • करोड़ों छात्रों का भविष्य अंधकारमय
  • छात्रों के साथ पैरंट्स भी सीबीएसई के फैसले पर जता रहे हैं नाराजगी
  • विद्या कोचिंग सेंटर के मालिक को लिया हिरासत में

नई दिल्ली,

सीबीएसई के 10वीं के गणित और 12वीं के अर्थशास्त्र का पेपर लीक होने और फिर से परीक्षा कराए जाने को लेकर स्टूडेंट्स और पैरंट्स में आक्रोश है. दिल्ली और देशभर में गुरुवार को वे जंतर-मंतर पर जुटे और सीबीएसई के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया. वहीं पुलिस ने दोषियों पर कार्रवाई शुरू कर दी है.

पुलिस को शक है कि पेपर लीक के पीछे दिल्ली के कोचिंग सेंटरों का हाथ हो सकता है. गुरुवार दोपहर द्वारका, रोहिणी, राजेंद्र नगर में कोचिंग सेटरों पर छापे भी मारे गए. इस मामले के मास्टरमाइंड बताए जा रहे विद्या कोचिंग सेंटर के मालिक विक्की को हिरासत में लिया गया है.

क्राइम ब्रांच ने सीबीएसई से जानकारी भी मांगी है. पेपर लीक केस में सीबीएसई अधिकारियों से भी पूछताछ की जा सकती है. प्रदर्शन कर रहे छात्रों और पैरंट्स का कहना है कि या तो सभी विषयों की परीक्षा फिर से होनी चाहिए या फिर किसी भी विषय की नहीं. पैरंट्स का कहना है कि परीक्षा के लिए बच्चों के ऊपर मनोवैज्ञानिक दबाव होता है. जिन बच्चों ने पूरी मेहनत और ईमानदारी से अपनी परीक्षा दी उन्हें भी फिर से परीक्षा के तनाव से गुजरना होगा.

अबतक इस लीक पर चुप रहीं सीबीएसई की चीफ अनिता करवाल का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों का ध्यान रखकर ही परीक्षा फिर से कराने का फैसला किया गया है. बता दें कि अभी तक परीक्षा की नई तारीख की घोषणा नहीं की गई है.

करवाल ने गुरुवार को कहा, हमने परीक्षा फिर से कराने का फैसला छात्रों के हितों को देखते हुए लिया है. हम उनके भले के लिए काम कर रहे हैं. जल्द ही परीक्षा की नई तारीख की घोषणा की जाएगी.

प्रधानमंत्री मोदी ने भी जताई नाराजगी

सीबीएसई की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही इन लोगों को पकड़ लिया जाएगा. बता दें कि पेपर लीक और फिर से परीक्षा कराने को लेकर सीबीएसई की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि पीएम मोदी ने भी पेपर लीक को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है और फोन पर मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जवाड़ेकर से बात की.