भोपाल,

मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के कोलारस और अशोकनगर जिले के मुंगावली विधानसभा उपचुनाव के लिए आज शुरूआती तीन घंटों में ग्यारह बजे तक औसतन 20 प्रतिशत मतदान होने की खबर है।

अशोकनगर से यूनीवार्ता के अनुसार मुंगावली में 20 प्रतिशत से अधिक और शिवपुरी से मिली जानकारी के अनुसार कोलारस में 20 प्रतिशत से कम मतदान होने की खबरें हैं। मुंगावली में सुबह दस बजे तक दो घंटे में सत्रह प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले। ग्यारह बजे तक यह प्रतिशत 20 से अधिक हो गया।

काेलारस में सुबह दस बजे तक लगभग ग्यारह प्रतिशत मतदाताआें ने वोट डाले। ग्यारह बजे तक यह प्रतिशत 15 को पार कर गया। दोनों ही क्षेत्रों में अनेक मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतार लगी हुयी भी दिखायी दीं। कुछ मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में तकनीकी खराबी की शिकायतें भी आयीं। उन्हें तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से दुरूस्त कराया गया अथवा मशीन को बदल दिया गया।

इन दोनों ही क्षेत्रों में सख्त सुरक्षा प्रबंधों के बीच सुबह आठ बजे मतदान शुरू हुआ था। मतदान शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है। मतदान शाम पांच बजे तक मतदान होगा। कोलारस में 311 मतदान केंद्रों पर एक लाख 13 हजार से अधिक महिलाओं समेत कुल दो लाख 44 हजार 456 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर सकेंगे।

कोलारस में 22 प्रत्याशियों का भाग्य तय होगा। इसके अलावा मुंगावली में 264 मतदान केंद्रों पर अठासी हजार से अधिक महिलाओं समेत कुल एक लाख 91 हजार नौ मतदाता 13 प्रत्याशियों में से अपना प्रतिनिधि चुनेंगे। दोनों स्थानों पर वोटर वेरिफाइड पेपर ऑडट ट्रेल (वीवीपैट) मशीनों का इस्तेमाल हो रहा है।

दोनों विधानसभा सीटों के सभी 575 मतदान केन्द्रों के लिए 3 हजार से अधिक मतदान कर्मचारी तैनात किये गये हैं। कोलारस में केन्द्रीय अर्ध सैनिक बल की 10 कम्पनी निर्वाचन क्षेत्र में सुरक्षा का मोर्चा संभाल रही हैं। मुंगावली में केन्द्रीय अर्ध सैनिक बल की आठ कम्पनी तैनात की गई हैं।

कोलारस में मुख्य मुकाबला भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र जैन और कांग्रेस प्रत्याशी महेंद्र सिंह यादव के बीच है। वहीं मुंगावली में भाजपा ने बाईसाहब यादव और कांग्रेस ने ब्रजेंद्र सिंह यादव पर दांव खेला है। पिछले विधानसभा चुनाव में कोलारस से कांग्रेस के रामसिंह यादव और मुंगावली से पार्टी के ही महेंद्र सिंह कालूखेड़ा ने जीत हासिल की थी। दोनों के निधन के कारण उपचुनाव हो रहे हैं।

इन दोनों सीटों पर वापसी के लिए जहां एक ओर कांग्रेस ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है, वहीं भाजपा भी आगामी विधानसभा चुनाव के पहले इन सीटों पर कब्जे को अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाए हुए है। इस उपचुनाव में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की प्रतिष्ठा दाव पर लगी है।

ग्वालियर के तत्कालीन सिंधिया राजघराने के प्रभाव में मानी जाने वाली इन दोनों सीटों पर प्रचार की कमान कांग्रेस की तरफ से शुरू से ही श्री सिंधिया और भाजपा की अोर से स्वयं मुख्यमंत्री श्री चौहान ने संभाली हुई थी।

श्री सिंधिया के मुकाबले के लिए भाजपा ने उनकी बुआ और प्रदेश की खेल एवं युवा कल्याण मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया को भी चुनाव प्रचार में उतारा था। खासतौर पर कोलारस में श्रीमती सिंधिया ने भाजपा प्रत्याशी के लिए जमकर प्रचार किया।इन दोनों ही उपचुनाव के नतीजे 28 फरवरी को आएंगे।

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