वांडरर्स में भारत-दक्षिण अफ्रीका के बीच तीसरा टेस्ट कल से

खास बातें

  • पहला और दूसरा टेस्ट हार सीरीज में 2-0 से पीछे
  • 25 साल बाद सीरीज जीत का सपना टूटा
  • तीसरे टेस्ट में विराट की जगह कप्तानी किसको? देखना होगा

जोहानसबर्ग,

दक्षिण अफ्रीका से सीरीज गंवा चुकी नंबर-वन भारतीय क्रिकेट टीम कल से शुरू होने जा रहे तीसरे और सीरीज के आखिरी क्रिकेट टेस्ट में सम्मान बचाने के साथ मेजबान टीम के हाथों व्हाइटवॉश से भी बचने उतरेगी.

भारत ने पहला मैच दक्षिण अफ्रीका से 72 रन से और दूसरा मैच 135 रन से हारा था और वह सीरीज पहले ही 0-2 से गंवा चुकी है. ऐसे में तीसरा मैच भले ही परिणाम के लिहाज से उसके लिये अहम न हो लेकिन दुनिया की नंबर-एक टीम होने के नाते प्रतिष्ठा के लिहाज से काफी अहम होगा.

विराट कोहली के नेतृत्व में टीम इंडिया ने अंतिम मैच में जीत के लिये मैच से पहले कड़ा अभ्यास भी शुरू कर दिया है और बल्लेबाजी क्रम में अजिंक्या रहाणे की वापसी के भी संकेत मिल रहे हैं जिन्हें पिछले मैचों में बाहर रखे जाने को लेकर कप्तान को काफी आलोचना झेलनी पड़ी है. हालांकि रहाणे को बाहर रखे जाने से अंतिम एकादश में किस खिलाड़ी को बाहर बैठना होगा यह साफ नहीं है.

वंडरर्स पिच की बात करें तो यह मैदान भारतीय टीम के लिये सफल रहा है और दक्षिण अफ्रीका में एकमात्र जीत उसे इसी मैदान पर वर्ष 2006 में मिली थी. यह मैच भारत ने 123 रन से जीता था जिसमें शांतकुमार श्रीसंत के पांच विकेट की अहम भूमिका थी. इसके अलावा उसने दिसंबर 2013 में यहां एक मैच ड्रा भी कराया है जबकि केपटाउन और सेंचुरियन मैदानों की तुलना में मेजबान टीम को इस मैदान पर खास सफलता नहीं मिली है.

लडक़ों को कहा है रनआउट नहीं होना : शास्त्री

भारतीय टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री ने अपने खिलाडिय़ों को स्पष्ट तौर पर कह दिया है कि उन्हें टेस्ट मैच में स्कूली बच्चों की तरह रनआउट नहीं होना है और कैच नहीं टपकाने हैं.

शास्त्री ने कल से दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुरू होने वाले तीसरे और अंतिम टेस्ट से पूर्व आज संवाददाता सम्मेलन में इस बात पर काफी अफसोस जताया कि सेंचुरियन के दूसरे टेस्ट में भारतीय बल्लेबाज रनआउट हुये और उन्होंने कैच छोड़े.

कोच ने सेंचुरियन टेस्ट में चेतेश्वर पुजारा के दो बार रनआउट होने और हार्दिक पांड्या के भी लापरवाही से रनआउट होने के बारे में पूछे जाने पर कहा कि बड़ा दुख लगता है और बड़ा बुरा भी लगता है. एक तो यहां परिस्थितियां बहुत मुश्किल हैं और दूसरे यदि आप इस तरह अपना विकेट गंवा देते हैं तो टीम की मुश्किलें बढ़ जाती हैं.

मैं उम्मीद करता हूं कि खिलाड़ी तीसरे टेस्ट में इस तरह की गलतियों को नहीं दोहराएंगे.शास्त्री ने साथ ही कहा कि लडक़ों को कह दिया गया है कि इस तरह की गलती बर्दाश्त नहीं होगी. दोनों टीमों के बीच ज्यादा बड़ा फासला नहीं है और ऐसी गलतियों ने हमें ज्यादा चोट पहुंचायी है. मुझे उम्मीद है कि कोई खिलाड़ी इस तरह की स्कूली बच्चों जैसी गलतियां नहीं करेगा.

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