ढाका,

बंगलादेश की सुप्रीम कोर्ट ने धोखाधड़ी के मामले में पांच साल के लिए सजायाफ्ता बंगलादेश नेशनल पार्टी (बीएनपी) के अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की जमानत मंजूर किये जाने संबंधी हाईकोर्ट का फैसला आज बरकरार रखा।

सुप्रीम कोर्ट की अपीलीय पीठ ने हाईकोर्ट के जमानती आदेश के खिलाफ दो याचिकाओं की सुनवाई के बाद यह फैसला दिया।

वकीलों का हालांकि कहना है कि इस जमानत से श्रीमती जिया की जल्द रिहाई संभव नहीं है क्योंकि वह अन्य मामलों में भी दोषी हैं।

बीएनपी के वकील मदूद अहमद ने कहा, “ हम अन्य मामलों में भी यथासंभव और यथाशीघ्र जमानत मंजूर करने का प्रयास कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले का बरकरार रखा है, जिससे अन्य मामलों में भी जमानत मंजूर होने में आसानी होगी।”

उल्लेखनीय है कि निचली अदालत ने श्रीमती जिया को जिया ऑरफेंज ट्रस्ट घोटाला मामले में श्रीमती जिया को गत आठ फरवरी को सजा सुनायी थी। इसके बाद 12 मार्च को हाईकोर्ट ने श्रीमती जिया की अंतरिम जमानत याचिका को मंजूरी दे दी थी।

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