दो साल से कर रहे थे लाखों की गड़बड़ी, बैंक रहे अनजान

  • 83 लाख से अधिक किए पार, मामला दर्ज

भोपाल,

एटीएम में पैसा डालने वाले कंपनी के दो कर्मचारियों द्धारा लाखों रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. मामले का खुलासा तब हुआ जब एसबीआई ने तीन एटीएमों का सरप्राइज ऑडिट कराया.बागसेवनियां पुलिस ने जांच के बाद मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस का कहना है कि अभी जांच जारी है.

बागसेवनियां पुलिस के मुताबिक पवन वामन उम्र 38 वर्ष वाइन रिंग ब्यू हिल्स कटारा में रहते हैं. वे लॉजीकेस सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड में बतौर ब्रांच मैनेजर पदस्थ हैं. उक्त कंपनी एटीएम में पैसा जमा करने का काम करती है. राजधानी भोपाल में यह कंपनी 31 एटीएम में पैसा जमा करने का ठेका लिए हुए है.

विगत 13 मार्च को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने तीन एटीएम की औचक जांच कराई थी, जिसमें सामने आया कि इन बैंकों में 24 लाख 35 हजार रुपए कम जमा कराए गए हैं. यह मामला सामने आते ही बैंक में हडक़ंप मच गया और तुरंत कंपनी को मामले की जानकारी दी गई. इसके बाद अगले दिन स्टेट बैंक ने अन्य एटीएम पर जाकर पड़ताल की तो सामने आया कि वहां पर भी रुपए कम जमा किए गए थे.

इसके बाद एसबीआई ने ब्रांच मैनेजर पवन वामन को लिखा, जिसके बाद उन्होंने थाने में मामला दर्ज कराया. पुलिस ने जब जांच की तो सामने आया कि कस्टडियन पूरन पांडे व नवनीत सिंह अरोरा द्धारा बैंकों में डिमांड के अनुरूप भेजी गई राशि में हेरफर कर कम राशि जमा कराई जाती थी. जांच के बाद पुलिस ने पूरन व नवनीत अरोरा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है.

जमा की रसीद नहीं निकलने की है जानकारी

पुलिस के मुताबिक आरोपी बैंकों की डिमांड के अनुरूप कंपनी से राशि लेते थे और एटीएम पर जाकर कम पैसा जमा करते थे. आरोपियों को इस बात की जानकारी थी कि एटीएम में पैसा जमा होने की रसीद नहीं निकलती, जिसके चलते वे कंपनी में आकर साइन कर देते थे कि वे दी गई राशि एटीएम में जमा कर आए हैं.

पुलिस को यह भी सामने आया है कि इनके द्धारा लंबे समय से बैंकों में रकम जमा करने में हेराफेरी की जा रही थी. पुलिस को अंदेशा है कि जांच में यह राशि और बढ़ सकती है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस फर्जीबाड़े में कौन कौन उनके साथ है.

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