उत्तर भारत चार धाम यात्रा- बद्री-केदार-गंगोत्री और जमनोत्री, शीतकाल में बंद रहती है क्योंकि इस क्षेत्रों में हिमपात होता है और सडक़ें बर्फ से ढंकी रहती हैं. लेकिन इस मई के महीने में ही वहां अब तक 6 इंच मोटी परत का हिमपात हो चुका है और यहां यात्रा की रोक दी गयी है.

हालांकि यह अगले 4 महीनों तक बंद नहीं रहेगी और कुछ दिनों में मौसम ठीक होने पर वह पुन: जारी हो जायेगी. काश्मीर,हिमाचल,उत्तराखंड में इतना हिमपात हो रहा है कि वहां मौसम और तापमान गिर गया जो सर्दी के मौसम में होता आया है. स्कूल बंद कर दिये गये हैं.

एकाएक आए मौसम परिवर्तन से इन क्षेत्रों में हजारों तीर्थ यात्री या अन्य पर्यटक फंस गये हैं. इन हिमपात के इलाकों काश्मीर, हिमाचल व उत्तराखंड के अलावा अन्य 20 राज्यों में पंजाब,हरियाणा,दिल्ली,राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार,झारखंड, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ में तूफान तेज आंधी, बेमौसम गर्मी की भारी बरसात व ओले गिरने का क्रम चल रहा है.

मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि गर्मी के दिनों में समुद्र के ऊपर पानी उठने से ऊपरी हवाओं में आद्र्रता (माइश्चर) काफी हो जाता है. इस समय ऐसी स्थिति अरब सागर के ऊपर बन गयी है जो आद्र्रता लिये समुद्री हवाएं जब भारत भूमि पर आईं तो यहां तेज गर्मी पड़ रही है. उससे इन हवाओं ने तूफान, तेज आंधी, वर्षा, ओले में परिवर्तित होकर देश के उत्तरी राज्यों में मौसम ही बदल डाला.

इस समय उत्तर भारत में जहां तूफान वर्षा हो रहे हैं वहां कुछ देर के लिए तापमान गिर जाता है, फिर खुला होने पर तापमान चढ़ जाता है. जब वायुमंडल में हवा की गति सामान्य से कई गुना बढ़ जाती है तो यह आंधी और तूफान का रूप ले लेती है.जमीन पर वायु की गति बढऩे को आंधी और समुद्री हवाओं को तूफान या चक्रवात कहा जाता है. गर्मी की तीव्रता से हवा का दबाव कम हो जाता है और दूसरे इलाकों से उस रिक्तता को पूरा करने के लिये हवाएं तेजी से उस तरफ आंधी के रूप में आने लगती हैं.

इस समय पहाड़ी हिमपात के राज्यों को छोडक़र बाकी उत्तर और मध्य भारत में यही स्थिति बनी है. कहीं आंधी और कहीं तूफान आ रहे हैं. मौसम विभाग ने कहा है कि जब तक तेज गर्मी पड़ रही है और समुद्र के ऊपर से नमी लिये हवाएं आ रही हैं- यही स्थिति तूफान, आंधी, वर्षा व ओला गिरने की बनी रहेगी और शासन और आम लोगों को इस स्थिति के लिये तैयार रहना चाहिए.

चार धामों के राज्य उत्तराखंड में हिमपात के अलावा कई जगह भूस्खलन की भी कई जगह होने से सडक़ें अवरुद्ध हो गयीं. यही समय राज्य में चार धाम यात्रा का होने की वजह से यहां उस आधार पर लोगों का काम धंधा और आमदनी बहुत हो जाती है. उस पर इस मौसम का बड़ा आघात हुआ है.

सिखों के हेमकुंड साहिब जो इसी क्षेत्र में हैं उनकी यात्रा भी बाधित हो गयी है. हिमाचल में हिमपात वर्षा और ओले गिरने से इस मई के महीने में तापमान गिर कर 11 डिग्री रह गया और यहां इन दिनों सर्दी का मौसम गर्मी में आ गया. इन क्षेत्रों की सरकारें फंसे तीर्थ यात्रियों को निकालने में लगी हैं. जहां पहाड़ व जमीन धसक गयी है वहां बड़ी मुश्किल पड़ रही है.

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