होली पर्व कैसे मनाएं पर सेमीनार

संत हिरदाराम नगर,

सुधार सभा द्वारा संचालित साधु वासवानी स्कूल के नंदवानी ऑडीटोरियम में होली कैसे मनाएं पर सेमीनार का आयोजन किया गया. जिसमें विद्यार्थियों को बताया गया कि होली किस प्रकार मनाई जाए.

इस कार्यक्रम में शिक्षाविद् विष्णु गेहानी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि होली का पर्व पवित्र पर्व है हम इस पर्व को भाईचारे के साथ मनाएं बच्चों को इस त्यौहार पर सूखी व सुरक्षित होली खेलनी चाहिए और इस त्यौहार को सभ्य तरीके से मनाना चाहिए. लकडिय़ों और जल का उपयोग नहीं करना चाहिए. जितना हो सके गीले रंगों से दूर रहें एवं कंडों की होलिका जलाकर इस पर्व को सौहार्दपूर्वक मनाएं.

नवनिध हासोमल लखानी पब्लिक स्कूल से अर्चना गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि होली एक पावन पर्व है, अत: इस पर्व को प्यार व सौहार्द से मनाना चाहिए एवं लाल कलर बनाने के लिए पारा एवं ग्रीन कलर के बनाने के लिए कॉपर सल्फेट डाला जाता है जो हमारी त्वचा, आंखों के लिए अत्यधिक नुकसानदेह है इसलिए बच्चों को हर्बल व सूखी होली खेलनी चाहिए और पर्यावरण की रक्षा के लिए जलाऊ लकडिय़ों को न जलाकर कण्डों की होलिका जलाएं.

इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों ने यह संकल्प लिया कि इस बार होली हम रंगों की बजाय गुलाल से खेलेंगे एवं पर्यावरण प्रदूषण को बचाने के लिए कंडों की होलिका जलाएंगें.

होली पर पर्यावरण का भी रखें ख्याल: दीपक

बैरसिया. वरिष्ठ समाजसेवी भाई दीपक दुबे का कहना है कि होलीका दहन में गोबर के कंडों का इस्तेमाल अधिक अधिक से करें. अधिकतर लोग होली जलाते समय पर्यावरण का ध्यान नहीं रख पाते हैं.

परम्पराओं में हरे भरे पेड़ पौधे काट लेते हैं, जो पर्यावरण संरक्षण के लिए सही कदम नहीं है. दीपक दुबे कहते हैं कि फूलों की होली एवं अच्छे किस्म का सूखे गुलाल का तिलक लगा कर होली की बधाई दें और केमिकल वाले रंग गुलाल से फैलने वाले प्रदूषण एवं अपने शरीर पर केमिकल वाले रंग गुलाल के उपयोग से होने वाले दुष्प्रभाव से स्वयं बचें.

स्वच्छ भारत मिशन में अपने आसपास मोहल्लों व नगर को पर्यावरण, प्रदूषण एवं स्वच्छ रखने का अधिक से अधिक प्रयास करें.

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