वल्लभ भवन का अफसर बता की थी साढ़े तीन लाख की ठगी

इटारसी, नससे खुद को वल्लभ भवन में अफसर बताकर यहां की एक महिला से धोखाधड़ी करने वाला फर्जी अधिकारी अब पुलिस की गिरफ्त में है. पुलिस को उसे पकडऩे योजना बनाकर काम करना पड़ा.

पुलिस ने ग्राहक बनकर उसे पैसे देने के बहाने विश्वास में लेकर भोपाल में एसआई अशोक बरबड़े एवं एएसआई केएल पारधे के माध्यम से फंसाया और वह लालच में आकर पुलिस की योजना में उलझकर फंस गया.

कृष्णा विहार कॉलोनी निवासी एक महिला के बेटे और उसके दोस्त की सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर करीब साढ़े तीन लाख रुपए ऐंठने वाला सतना का रहने वाला युवक पुलिस की गिरफ्त में आ गया है. पुलिस ने मामला दर्ज होने के बाद महज दो दिन के भीतर ही उसे भोपाल से गिरफ्तार कर लिया है. बताया जाता है कि आरोपी ने अपना अपराध भी कबूल कर लिया है.

महिला सुजाता साव की मुलाकात पिछले वर्ष अगस्त 2016 में उपेंद्र पटेल से हुई थी. आरोपी ने बताया था कि वह वल्लभ भवन में ऑफिसर है और किसी को नौकरी लगाना हो तो बता देना. महिला ने घर आकर यह बात अपने पुत्र विकास साव और 12 बंगला निवासी नीरज सपकाले को बताई. दोनों तैयार हो गए और मोबाइल पर विकास और नीरज ने नौकरी लगाने के बारे में बात की थी.

उपेंद्र से दोनों को पर्यटन विभाग में नौकरी लगवाने 5 लाख 50 हजार रुपए में मामला तय हुआ. इसके बाद उपेंद्र को इटारसी बुलाकर 12 नवबर 2016 को नीलम होटल के सामने दो लाख रुपए नगद दिए और नीरज सपकाले ने उपेंद्र के खाते में अलग-अलग तारीखों पर कभी 10 हजार कभी 40 हजार जमा कराए.

सपकाले ने कुल 1 लाख 40 हजार रुपए उपेंद्र के खाते भेजे थे. पैसे लेने के बाद जब कुछ नहीं हुआ तो मोबाइल पर बात की. उपेंद्र लगातार टालता रहा तो समझ आ गया कि वह झांसा दे रहा है. तब उससे पैसे वापस करने का कहा लेकिन वह पैसे वापस नहीं दे रहा है.

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