नयी दिल्ली,

घरेलू बाजार में चीनी की घटती कीमत और गन्ना बकाये के बढ़ते बोझ को देखते हुए सरकार ने चीनी का निर्यात शुल्क हटाने की घोषणा की है।

सरकारी सूत्रों ने आज बताया कि चीनी पर से 20 प्रतिशत निर्यात शुल्क हटा दिया गया है। चीनी के निर्यात शुल्क को हटाने की मांग को लेकर खाद्य मंत्रालय ने दो बार अपनी सिफारिश वित्त मंत्रालय को भेजी थी। चीनी मिल संगठनों ने भी सरकार से निर्यात शुल्क हटाने का आग्रह किया था।

केंद्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने कुछ दिन पहले कहा था कि बंपर घरेलू उत्पादन को देखते हुए उन्होंने फरवरी में चीनी का निर्यात शुल्क घटाने की अपनी सिफारिश वित्त मंत्रालय को भेजी थी।

चीनी मिलों के संगठन इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) के मुताबिक देश में इस साल चीनी का उत्पादन 2.95 करोड़ टन होने की उम्मीद है, जो गत साल से 92 लाख टन ज्यादा है।

चीनी के तीन शीर्ष उत्पादक राज्य महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक ने क्रमश: 93.8 लाख टन, 84.3 लाख टन और 35.1 लाख टन चीनी का योगदान किया है। पिछले चीनी वर्ष 2016-17 (अक्टूबर-सितंबर) में देश में 2.03 करोड़ टन चीनी का उत्पादन हुआ था।

इस्मा का कहना है कि चीनी का स्टॉक बढ़ने से घरेलू बाजार में इसकी कीमत घटकर लागत मूल्य से भी कम हो गयी है जिससे मिलों का घाटा लगातार बढ़ रहा है। संगठन के अनुसार,जनवरी तक गन्ने की बकाया राशि बढ़कर 14,000 करोड़ रुपये थी जो इस माह के अंत तक बढ़कर 20,000 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है।

Related Posts: