नवभारत न्यूज भोपाल,

अब सिविल सर्विसेज परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए राजधानी के सेंट्रल लायब्रेरी में सिविल सविर्सेज की तैयारी कैसे करे विषय पर व्याख्यान का आयोजन हुआ, जिसमे 1982 बेंच के सिविल सेवा अधिकारी डॉ. विजय अग्रवाल ने सिविल सेवा की तैयारी कर रहे छात्रों की शंकाओं का निदान किया.

उन्होने छात्रों को सिविल सर्विसेज परीक्षा में अच्छा परफॉर्म करने के गुर बताएं. सिविल सेवा की तैयारी कर रहे छात्रों की बहुत सी समस्याएं होती है, जो उनके दिमाग में हमेशा बनी रहती है. जिसमें आईएएस की तैयारी कैसे करना चाहिए. तैयारी कब शुरु करना चाहिए. तैयारी के अलग अलग चरण क्या होते है. क्या पढऩा चाहिए, कैसे पढऩा चाहिए,उत्तर लिखने की प्रेक्टिस कैसे करनी चाहिए, समय का प्रबंधन कैसे करना चाहिए,

समय का पाबंद बने

डॉ. विजय अग्रवाल ने प्रतिभागियों को बताया कि, आईएएस कोई पायलट का एग्जाम नहीं है, जो घंटे निर्धारित करके पढ़ा जाए यह समझ का एग्जाम है, जब तक समझ में आता जाए पढ़ते जाओ. उन्होंने कहा कि, कोई भी किताब अच्छी या बुरी नहीं होती.

अच्छी किताब वह है, जो कोई भी विषय आपको ज्यादा आसानी से समझाती हो. जरुरी नहीं कि, किसी नामी लेखक की किताब ही पढ़ी जाए. उन्होने समय प्रबंधन के विषय में बोला कि चाहे नियमित दो घंटे पढ़े पर उसमें निरंतरता होनी चाहिए. सफल होने के लिए समय का पाबंद होना जरुरी है.

समय की पाबंदी प्रत्येक क्षेत्र में आवश्यक है, समय के साथ साथ पढ़ाई में भी बदलाव आया है, आवश्यकता है, कि है, समय की रफ्तार का सही प्रयोग करे, किताबों के प्रति दोस्तों वाला नजरीया बहुत आवश्यक है.
-लक्ष्मीशरण मिश्र संचालक सिविल सर्विसेज क्लब

 

Related Posts: