राज्य सरकार इन दिनों आने वाले दिनों में आते जा रहे जल संकट से बहुत चिंतित है. मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने इस संबंध में आपात प्रबंधन करने को कहा है. प्रशासन से कहा गया है कि ऐसे इंतजाम तैयार रखने चाहिए कि जिससे जहां पानी नहीं है वहां पानी को ट्रांसपोर्ट किया जा सके. अभी तक मध्यप्रदेश में केवल देवास नगर में ट्रेन टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा था.

कई ऐसे गांव भी है जहां सडक़ मार्ग से पानी के टेंकर भेजे जाते रहे हैं लेकिन ग्रामीण इलाकों में संकट ज्यादा गहरा इसलिये था कि यहां टेंकर नियमित नहीं जाते थे और ग्रामीण इलाकों में प्रशासन की नजर में यह नहीं आ पाता.

इस समय सबसे ज्यादा जरूरी है कि सभी जगहों पर पानी का संग्रहण किया जाए और उसके लिए नदी और साफ नालों में ड्रेजिंग का काम फौरन ही शुरू किया जाए. ऐसे संकट के दिनों में ट्यूबवेल तो धोखा दे ही जाते हैं लेकिन परम्परागत कुएं-बावड़ी बहुत साथ देते हैं.

कई जगह ऐसे जमीनी कुएं कचरों से पूर दिये गये हैं उनका पुरुस्थान होना जरूरी हो गया है. कुआं खोदो अभियान राज्य भर में फिर से बड़े पैमाने पर किसानों व ग्रामीण व नगरीय निकायों को कर्ज देकर शुरू करना चाहिये और धीरे-धीरे ट्यूबवेल बंद किये जाएं. इन्हीं के कारण जमीन छलनी हो गयी है और भूजल नीचे होता जा रहा है.

Related Posts: