देखरेख के अभाव में कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

भोपाल,

बाल भवन में चल रहे समर कैम्प में बच्चों को सीखने के नाम पर सिर्फ रस्माआदयगी हो रही है, और परिसर में कोई सुरक्षा व्यवस्था न होने की वजह से नौनिहालों के साथ कभी भी कोई हादसा हो सकता है.

बाल भवन में चल रहे समर कैम्प में 14 विषयों में बच्चों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, लेकिन ठीक तरीके से सिर्फ दो या तीन कोर्स ही चल रहे है. भवन में प्रशिक्षण क ी क्लासों में प्रशिक्षण लेने के लिए बच्चे तो उपस्थित है, लेकिन क्लासों में शिक्षक नदारद दिखे.

बाल भवन में कुछ विषयों को छोडक़र सभी क्लासों में सिर्फ खानापूर्ति हो रही है, कम्प्यूटर क्लास में बच्चे खुद ही कम्प्यूटर का ज्ञान ले रहे और सीखाने वाले शिक्षक गायब है. वही संगीत की क्लास में न तो बच्चे दिखे न शिक्षक .

ड्रामा क्लास में बच्चे शिक्षक न होने की वजह से आपस में लड़ते मिले, जिस वजह से कोई भी अप्रिय घटना हो सकती है. पूरे परिसर में अनियमितायें देखने को मिली, सभी अनुदेशक का बच्चों पर कोई नियत्रंण नहीं है, बच्चे क्लास से ज्यादा इधर उधर घूमते नजर आये.

संचालसक व उपसंचालक रहे नदारद

भवन के संचालक उमाशंकर नगायच भवन से नदारद थे, जब उन से भवन की अनियमिताओं क ो लेकर फोन पर बात कि तो उन्होंने यह कहकर फोन काट दिया कि जो वहां मिले उससे बात करो जिसे देखकर भवन में संचालित कोर्सों के प्रति उनकी रुचि साफ नजर आ रही है. वही उपसंचालक सजन सिंह कठैत भी अपने कक्ष से गायब मिले बहुत समय तक इंतजार करने पर भी कोई अधिकारी भवन परिसर में नहीं आया.

बच्चों की सुरक्षा के नहीं कोई इंतजाम

भवन परिसर में बच्चे बे रोक-तोक उल्टी सीधी तरीके से झूला झूल रहे, सभी बच्चों की उम्र 14 वर्षों के आस-पास है, लेकिन इन बच्चों की सुरक्षा के लिए न तो कोई शिक्षक न कोई गार्ड उपस्थित है, जिस कारण कभी भी कोई घटना हो सकती है. जो गार्ड है भी वो मेन गेट पर डटे रहते है, अन्दर की होने वाली गतिविधियों से उनको कुछ लेना देना नहीं है.

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