नयी दिल्ली,

उच्चतम न्यायालय ने जिंदल यूनिवर्सिटी सामूहिक बलात्कार मामले में आरोपियों की अपील पांच माह के भीतर निपटाने का पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय को आज निर्देश दिया।

न्यायमूर्ति एस ए बोबडे और न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव की पीठ ने इस मामले के दो आरोपियों- हार्दिक और करण को अपील के निपटारे तक जेल में रखने का निर्देश भी दिया।

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि इस मामले में गिरफ्तारी से संरक्षण पाये तीसरे आरोपी विकास गर्ग को संरक्षण मिलना जारी रहेगा।

आरोपियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शांति भूषण, सिद्धार्थ लूथरा और हुजेफा अहमदी पेश हुए, जबकि पीड़िता लड़की की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कोलीन गोंजाल्विस ने जिरह की।

पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने विकास गर्ग सहित तीनों आरोपियों को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था, हालांकि उच्चतम न्यायालय ने इस पर रोक लगा दी थी। आरोपी विकास गर्ग जेल से बाहर है और उसने गिरफ्तारी से संरक्षण प्राप्त किया हुआ है, जबकि दो आरोपी अभी जेल में हैं।

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