बदमाश ने सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए अधिवक्ता को निशाना बनाना चाहा

  • सीजे ने एसपी को किया तलब

नवभारत न्यूज जबलपुर

दिनदहाड़े जिला अदालत में एक बदमाश ने सुरक्षा व्यवस्था को धत्ता बताते हुये अधिवक्ता को निशाना बनाकर फायरिंग की जिससे अदालत परिसर में हडक़ंप मच गया।

सूत्रों के मुताबिक कोर्ट परिसर स्थित हनुमान जी मंदिर के पास अधिवक्ता विनोद कुमार तिवारी निवासी कटंगी बेलखाडू के मुकेश राय से मशीन द्वारा टाईपिंग करा रहे थे। वहीं अन्य अधीवक्ता और पक्षकार अपने-अपने प्रकरणों के संबंध मेें तैयारी में लगे हुए थे। कोर्ट में मामलों की सुनवाई का दौर चल रहा था।

इसी इसी दौरान दोपहर करीब 12:30 बजे अज्ञात बदमाशों ने गोलीबारी कर दी। बदमाशों ने अधिवक्ता विनोद को निशाना बनाकर गोली चलाई थी लेकिन इस वारदात में वकील बाल-बाल बच गए और गोली टाइप मशीन में जाकर फंस गई। गोलीबारी में टाइपिस्ट को भी कोई चोट नहीं आई है।

मची अफरा-तफरी

वारदात के बाद कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। गोली चलने की घटना के बाद कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं। गौरतलब है पिछले कुछ दिनों से शहर में अपराधों के ग्राफ में इजाफा हुआ है और अब बैखौफ अपराधी कोर्ट परिसर में भी वारदात को अंजाम देन लगे हैं।

सहम गए कर्मचारी

गोलियों की आवाज से पूरा परिसर दहल गया था और कर्मचारी सहम गए। इसी बीच भारी संख्या में अधिवक्ता मौके पर पहुंच गए थे। वारदात के बाद से ही जिला न्यायाल में खासी गहमागहमी का माहौल बना हुआ था।

मशीन में फंस कर टूटा कारतूस

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। बताया जाता है कि टाइप मशीन में गोली फंस गई थी जिसके चलते कारतूस टूट गया था।

अधिकारियों समेत कई थानों का बल पहुंचा

गोलीबारी की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। साथ ही एसपी शशिकांत शुक्ला, एडिशनल एसपी जी पी पाराशर समेत कई बड़े पुलिस अधिकारियों समेत कई थानों का बल कोर्ट परिसर पहुंच गया था।

भाजपा नेता पर आरोप

फायरिंग के कुछ देर बाद मामले में तब नया मोड़ आया जब बेबी सोनकर नाम की एक महिला पुलिस के सामने आई। उसने एक भाजपा नेता पर फायरिंग कराने का आरोप लगाया है। भाजपा नेता से संबंधित कोई पुष्टि नहीं हो पायी है लेकिन यह संकेत मिले हैं कि मामला मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ा हुआ है।

एसपी ने वारदात को बताया अफवाह

शहर मेंं अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हो गए है इसका एक और उदाहरण अदालत में हुई दिनदहाड़े गोलीबारी से लगाया जा सकता है। पिछले कुछ दिनों में जिस तरह से हत्या, दुराचार व अन्य वारदातें हुई है उसने चप्पे-चप्पे पर नजर रखने का दावा करने वाली पुलिस की पोल खोल कर रख दी।

वहीं पुलिस शहर के अपराधियों के सामने सुस्त पड़ गई है वह लगातार पुलिस को चुनौती दे रहे है। वहीं एसपी शशिकांत शुक्ला अब पुलिस की वर्दी पर लग रहे दागों को छुपाने का प्रयास कर रहे है।

कोर्ट परिसर में हुई इतनी बड़ी वारदात को वह अफवा बता रहा है। उनका कहना है कि कोर्ट परिसर में कोई गोली ही नहीं चली है न ही गोली चलने के निशान मिले है। किसी ने बदमाशी कर कारतूस को फेंका है और कोर्ट में अफवा उठा दी कि बदमाशों ने फायरिंग की है।

इनका कहना है

अधिवक्ता विनोद कुमार तिवारी की रिपोर्ट पर फायरिंग करने वाले अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर पतासाजी शुरू कर दी गई है। मौके से एक टूटा हुआ कारतूस बरामद किया गया है। मामले की छानबीन के बाद पूरा मामला साफ हो सकेगा।
अरविन्द जैन, सिविल लाईन थाना प्रभारी

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