नयी दिल्ली,

सस्ते डाटा और स्मार्टफोन के दम पर देश में मोबाइल इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है और इस साल जून तक इसके 47 करोड़ 80 लाख पर पहुँचने का अनुमान है।

इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएएमएआई) ने कनतार-आईएमआरबी के साथ किये गये एक संयुक्त अध्ययन की आज यहाँ जारी रिपोर्ट में यह बात कही है।इसमें कहा गया है कि जून तक मोबाइल इंटरनेट के शहरी उपभोक्ताओं की संख्या 29.1 करोड़ और मोबाइल इंटरनेट के ग्रामीण उपभोक्ताओं की संख्या 18.7 करोड़ पर पहुँच जायेगी।

मोबाइल पर इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की संख्या दिसंबर 2016 की तुलना में 17.22 प्रतिशत बढ़कर 45.6 करोड़ रही थी।इसी अवधि के दौरान मोबाइल इंटरनेट के शहरी उपभोक्ताओं की संख्या 18.64 फीसदी तथा ग्रामीण उपभोक्ताओं की संख्या 15.03 फीसदी बढ़ी थी।आने वाले समय में शहरों में मोबाइल पर इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की संख्या में गिरावट आने की संभावना है।

अभी 59 प्रतिशत शहरी आबादी मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल करती है।ग्रामीण आबादी का सिर्फ 18 प्रतिशत मोबाइल इंटरनेट उपभोक्ता है और इसमें आने वाले समय में वृद्धि की उम्मीद है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं में आधे युवा हैं।
शहरी इलाकों में 46 प्रतिशत और ग्रामीण इलाकों में 57 प्रतिशत मोबाइल इंटरनेट उपभोक्ता युवा वर्ग से ताल्लुक रखते हैं जिनकी उम्र 25 से 44 साल के बीच है।

युवा छात्र डाटा का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते हैं।वहीं, कामकाजी महिलाएँ सोशल नेटवर्किंग और ब्राउजिंग ज्यादा करती हैं तो गैर-कामकाजी महिलाएँ टेक्स्ट चैटिंग ज्यादा करती हैं।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वॉयस कॉलिंग पर उपभोक्ताओं के खर्च में वर्ष 2013 से ही लगातार गिरावट आ रही है।आने वाले समय में इसमें और कमी आने की उम्मीद है क्योंकि वीडियो कॉलिंग और ऑनलाइन कॉलिंग की प्रवृति बढ़ रही है।इसके परिणामस्वरूप डाटा पर होने वाला खर्च बढ़ा है।

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