मौत होने पर परिजनों ने किया हंगामा

नवभारत न्यूज उज्जैन,

सर्दी-जुकाम और बुखार से पीडि़त कक्षा 9वी की छात्रा को परिजन समीप के क्लीनिक पर लेकर पहुंचे थे जहां डॉक्टर ने बोतल चढ़ाकर दवाई दे दी। छात्रा घर आकर सोयी तो सुबह नींद से नहीं जाग सकी। मौत होने पर परिजनों ने हंगाम शुरू किया, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।

जीवाजीगंज थाना क्षेत्र के वृंदावनपुरा में रहने वाले रामजी खटीक की 15 वर्षीय पुत्री जीनू को बुखार आने पर देर शाम परिजन समीप ही क्लीनिक संचालित करने वाले डॉ. अश्फाक के पास लेकर पहुंचे थे। डॉक्टर ने उपचार करते हुए जीनू को बोतल चढ़ाई और दवा की पुडिय़ा देकर घर भेज दिया जिसके बाद वह घर आकर गहरी नींद में चली गई। परिजनों को लगा कि जीनू को आराम मिल रहा है।

जिसके चलते वह सो रही है। सुबह परिजनों के नींद से जागने पर जीनू के शरीर में हलचल दिखाई नहीं दी तो वे घबरा गए। उन्होंने अपनी पुत्री को उठाने का प्रयास किया। लेकिन वह नहीं उठी। तुरंत उसे जिला अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद परिजनों का गुस्सा भडक़ गया।

उन्होंने झोलाछाप डॉक्टर पर गलत उपचार का आरोप लगाते हुए गिरफ्तारी की मांग की। वह शव का पोस्टमार्टम कराने को भी तैयार नहीं थे। उनकी मांग थी कि पहले डॉक्टर की गिरफ्तारी हो। सूचना मिलने पर जीवाजीगंज थाना पुलिस जिला अस्पताल पहुंची। जहां परिजनों को समझाकर जांच का आश्वासन दिया गया।

जिसके बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुए। एसआई एमएस मालवीय ने बताया कि परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ जांच शुरू की जाएगी। इस बात का पता लगाया जाएगा कि उसने जीनू को कौन सा इंजेक्शन लगाया था और कौन सी दवा खाने केलिए दी थी। जांच पूरी होते ही डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी।

Related Posts: