आरोपी मां के अस्थि कलश प्रवाहित करके आ रहा था इलाहाबाद से

  • सुबह 9 बजे की घटना

भोपाल,

कामायनी एक्सप्रेस की जनरल बोगी में उस समय हडक़ंप मच गया जब बोगी के गेट पर बैठे युवकों को एक आरोपी ने पैर से जबरदस्त ठोकर मार दी, जिससे युवक चलती ट्रेन से नीचे गिर गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई.

घटना रविवार सुबह 9 बजे की है. इसके बाद बोगी में मौजूद अन्य सवारियों की सहायता से आरोपी को पकडक़र आरपीएफ के हवाले कर दिया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है.

रितेश सिंह पिता ननकी उम्र 23 वर्ष सदियापुरा गुरूद्वार इलाहाबाद का रहने वाला था. वह कपड़ों का व्यापार करता था. शनिवार को रितेश अपने चचेरे भाई सुमित पिता रमेश सिंह के साथ इलाहाबाद से भोपाल आने के लिए कामायनी एक्सप्रेस की जनरल बोगी में शामिल हुए. वे यहां एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए आ रहे थे.

रविवार सुबह उनकी नींद सूखी सेवनियां यह दोनों बोगी के गेट पर बैठ गए और भोपाल स्टेशन पहुंचने का इंतजार कर रहे थे. दोनों युवक गेट पर बैठे बात कर रहे थे कि तभी अचानक टॉयलेट से एक युवक निकला और उसने जबरदस्त लात पीछे से मार दी, जिससे रितेेश चलती टे्रन से गिर गया और स्पीड में ट्रेन होने की वजह से उसकी मौत हो गई.

आरोपी की पहचान रज्जू पाल उर्फ राजमल पिता नवल सिंह निवासी सूखी सेवनियां के रूप में हुई है.पुलिस को पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे ऐसा लगा था कि ये लोग उसे मार देंगे जिसके चलते उसने यह कदम उठाया.

तुम भी मरो

सुमित ने बताया कि उन्हें कुछ समझ आता इससे पहले यह घटना घटित हो गई. आरोपी के मुंह से उन्होंने तो केवल इतना ही सुन पाया कि हम तो मर ही रहे हैं, तुम भी मरो और फिर उसने एकदम लात मार दी. सुमित ने कहा कि उसे नहीं पता कि वह भी कैसे जिंदा बच गया.

बलि की बात कह रहा था

बोगी में सवार लोगों ने बताया कि घटना के बाद जब लोगों ने उसे पकड़ा तो वह यह कह रहा था कि उसने बाबा को बलि दे दी है. इसके बाद तुरंत उसे यात्रियों ने पकड़ लिया और आरपीएफ के सुपुर्द कर दिया.

पुलिस के मुताबिक आरोपी की मां की कुछ दिनों पहले ही मौत हुई थी, जिसके चलते वह उनकी अस्थियां विसर्जित करने के लिए इलाहाबाद गया हुआ था. पुलिस ने कहा कि बलि की बात कहकर आरोपी अपने आपको सिरफिरा बताने की कोशिश कर रहा है, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है. पुलिस का कहना है कि आरोपी शादीशुदा है और उसके तीन बच्चे हैं.

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