काश्मीर व अन्य उत्तरी राज्यों हिमाचल व उत्तराखंड में भारी हिमपात होने से ठंडी हवायें नीचे के राज्यों में उतर आयी हैं. मध्यप्रदेश में भी तापमान में एकदम से गिरावट आ गयी है.

एक दशक के बाद राजधानी भोपाल, ग्वालियर संभाग व इंदौर संभाग शीत की चपेट में आ गये हैं. यहां रात का तापमान काफी नीचे गिर कर 10 डिग्री तक पहुंच गया है. दिन में ठंड में तेजी आ गयी है. इसी से आभास हो रहा है कि ठंड के महीने दिसंबर व जनवरी में इस साल तेज ठंड पड़ सकती है.

राज्य सरकार व नगरीय निकायों को इस समय रैन बसेरों की व्यवस्था को फौरन ही साफ-सुथरी बिस्तर-कम्बलों से ठीक कर लेना चाहिये. स्वच्छ भारत अभियान में यदि सबसे ज्यादा स्वच्छता की जरूरत कही है तो वह इन रैन बसेरों को है.

यहां काफी गंदगी और खासकर यहां के बिस्तर कम्बल बहुत ही गंदे रहते हैं. यहां रात में ठहरने वाले बहुत ही दीन हीन लोग होते हैं वे शिकायत करने की स्थिति में नहीं होते इसलिये यहां के कर्मचारी उनके प्रति उदासीन रहते हैं उनकी उपेक्षा करते हैं.

यहां रख-रखाव व साफ सफाई के लिए जितना फंड दिया जाता है ये कर्मचारी उसकी अफरा-तफरी करते रहते हैं. राज्य में शीतकालीन बीमारियों का दौर भी बढ़ गया है.

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