पारिवारिक समस्याओं से परेशान थे डॉ. कमलेश कुमार उनिया

नवभारत न्यूज भोपाल,

कोहेफिजा थाना अंतर्गत मुंशी प्रेमचंद कैंपस में रहने वाले एक डॉक्टर ने सोमवार सुबह 11 बजे खुद को लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर जीवनलीला समाप्त कर ली. घटना के समय उनकी पत्नी व बेटी घर पर मौजूद थीं.

पुलिस को सामने आया है कि तनाव में परेशान होने के चलते उन्होंने यह कदम उठाया. मौके पर पहुंची एफएसएल की टीम ने भी मुआयना किया. पुलिस ने शव का पीएम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है.

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार डॉ. कमलेश कुमार उनिया उम्र 62 वर्ष एमआईजी-5/14 मुंशी प्रेचंद कैंपस में सपरिवार रहते थे. वे नरसिंहगढ़ जिला अस्पताल में पदस्थ थे. सुबह 11 बजे जब उनकी पत्नी शकुंतला व बेटी नीलम घर पर थी और सब कुछ सामान्य था. कुछ समय बाद डॉ. केके उनिया पहली मंजिल से उतरकर नीचे पहुंचे और अपने आप को बाथरूम में लॉक कर लाइसेंसी बंदूक से गोली मार ली.

जब परिजनों ने आवाज सुनी तो शकुंतला तुरंत पहुंची तो देखा कि बाथरूम का दरवाजा अंदर से बंद था. जब आवाज नहीं आई तो उन्होंने दरवाजे को हाथ से तोड़ दिया. उन्होंने देखा कि डॉ. केके के शरीर से खून निकल रहा था और वे मृत अवस्था में पड़े थे, साथ ही शरीर से सटी बंदूक थी. इसके बाद उन्होंने 108 को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस का कहना है कि मामला आत्महत्या का लग रहा है. पुलिस ने शव का पीएम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है.

तीन साल पहले इकलौते बेटे की हुई थी मौत

डॉक्टर केके उनिया मानसिक रूप से काफी तनाव में चल रहे थे. उनके 28 वर्षीय इकलौते बेटे बंटी की लीवर सीरोसिस बीमारी से तीन साल पहले मौत हो गई थी. उनका बेटा बीएएमएस डॉक्टर था. उसकी मौत के बाद डाक्टर को अंदर से तोडक़र रख दिया था.

एक घटना के बाद वह दोबारा जिंदगी में आगे बढ़ रहे थे, लेकिन डॉ.उनिया को चार माह पहले ही पता चला था कि उन्हें गले का कैंसर है. इसके बाद और तनाव में रहने लगे थे. वहीं बेटी नीलम ने एलएलएम किया हुआ है, लेकिन पोलियो से पीडि़त होने की वजह से उसने प्रैक्टिस शुरू नहीं की है.

15 साल से नरसिंहगढ़ में थे पदस्थ

मृतक के रिश्तेदार नरेंद्र कतरोलिया ने बताया कि डॉ. केके उनिया ने गजराराजा मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया था. इसके बाद वे खरगौन में पदस्थ रहे थे. विगत 15 साल से वे नरसिंहगढ़ के सरकारी अस्पताल में पदस्थ थे. उनिया के दो भाई डॉक्टर हैं. वह दतिया जिले में पदस्थ हैं, जबकि तीसरा भाई डीएसपी है. भतीजा भी डीएसपी की ट्रेनिंग कर रहा है. एक भतीजी पीपुल्स मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर है. मृतक डॉक्टर की ससुराल भिंड जिले के रौन में हैं. उनके ससुर व साले भिंड में ही शिक्षक हैं.

परिजनों के बयान ले रहे हैं

डॉक्टर ने खुद की लाइसेंसी बंदूक से सीने में गोली मारी है. कोहेफिजा पुलिस की मामले की जांच कर रही है. फिलहाल कारणों का पता करने के लिए परिजनों के बयान लिए जा रहे हैं.
-धर्मेंद्र चौधरी , डीआईजी