नयी दिल्ली,

उच्चतम न्यायालय ने कावेरी नदी से तमिलनाडु को मई महीने के लिए चार टीएमसी पानी देने का कर्नाटक सरकार को आज निर्देश दिया।

शीर्ष अदालत ने एक बार फिर कर्नाटक सरकार को चेताया कि यदि उसने आदेश का पालन नहीं किया तो परिणाम भुगतना पड़ेगा।

मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कावेरी नदी विवाद मामले में केंद्र सरकार को न्यायालय के आदेश का पालन नहीं करने पर कड़ी फटकार भी लगायी।

न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा कि कर्नाटक में चुनाव हैं तो ये चिंता की बात नहीं है, लेकिन कर्नाटक सरकार को तमिलनाडु को पानी देना चाहिए था। इस संबंध में कर्नाटक सरकार अगले मंगलवार को यह बताये कि उसने तमिलनाडु को अप्रैल में कितना पानी दिया था।

इससे पहले सुनवाई के दौरान एटर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड का मसौदा सौंप दिया गया है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अन्य कैबिनेट मंत्री कर्नाटक विधानसभा चुनावों में व्‍यस्‍त हैं, इसलिए मंत्रिमंडल में मसौदा अभी स्‍वीकृत नहीं हो सका है। अब मामले की सुनवाई आठ मई को होगी।

दरअसल, जनवरी में शीर्ष अदालत ने कावेरी जल विवाद को निपटाने के लिए केंद्र सरकार को आदेश दिया था कि वह कावेरी नदी के पानी के प्रबंधन के लिए बोर्ड का गठन करे, लेकिन अभी तक इस पर अमल नहीं हुआ है।

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