नीलम पार्क में आयोजित हुआ महिलाओं का जलसा

भोपाल,

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कार्यकारिणी सदस्य आरिफ मसूद एवं वुमन विंग की सालेहा तबस्सुम, सबीहा मिजा, सालेहा रिजवान, शहनाज फातमा, नूरजहां के तत्वावधान में तहफ्फुजे शरीयत कमेटी द्वारा आज लिली टॉकीज के सामने नीलम पार्क में एक विशाल जलसा रखा गया था.

जलसे में प्रमुख रूप से हाफिज पीर सिराज उल हसन सा. मुजद्दिदी, मौलाना सै. शराफत अली सा. नदवी उपस्थित थे. इस अवसर पर भारत सरकार द्वारा शरीयती कानून में मदाखलत कर तीन तलाक बिल संसद में लाकर शरीयत को बदलने की जो कोशिशें की जा रही हैं, हम मुस्लिम महिलायें इस बिल का विरोध करती हैं और सरकार से मांग करती हैं कि इस बिल को तत्काल वापस लिया जाये क्योंकि तीन तलाक बिल से हम मुस्लिम महिलाओं को बड़ी ही मशक्कतों, दुश्वारियों का सामना करना पड़ेगा.

इस अवसर पर जलसे के बाद राजभवन का घेराव करने के लिये रैली निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में मुस्लिम महिलाएं हाथों में तख्तियां लेकर नारे लगाते हुये राजभवन की ओर बढ़े, पर भारी पुलिस बल ने महिलाओं को लिली टॉकीज पुलिस चौकी के पास बेरिकेट लगाकर रोका.

इस अवसर पर महिलाओं ने पुरजोर नारेबाजी की जिसमें ‘हमें शरीयती कानून में मदाखलत बर्दाश्त नहीं’, ‘ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड जिन्दाबाद-जिन्दाबाद’, ‘तीन तलाक बिल वापस लो-वापस लो’, ‘राष्ट्रपति जी के भाषण से मुस्लिम महिलाओं से संबंधित पैरा हटाया जाये’ आदि नारे लगा रही थीं. उसके बाद एसडीएम को ज्ञापन राष्ट्रपति के नाम राज्यपाल को दिया.

आगे कार्यक्रम आयोजक आरिफ मसूद ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा संसद में जो तीन तलाक बिल लाया गया है, उसे तत्काल वापस लेने के विरोध में आज हजारों की संख्या में महिलायें इस रैली और जलसे में आईं हैं, वह सराहनीय है. क्योंकि मुस्लिम महिलायें शरीयती कानून में कोई भी बदलाव नहीं चाहती हैं जो कानून भारत सरकार लाना चाहती है उससे मुस्लिम महिलाओं को और दिक्कत का सामना करना पड़ेगा.

मौलिक अधिकारों के हनन का आरोप

भारत सरकार द्वारा मुस्लिम वुमन प्रोटेक्शन बिल के नाम पर मुस्लिम महिलाओं के भारत के संविधान में दिये गये मौलिक अधिकारों का हनन करने की कोशिश भारत सरकार कर रही है. इस बिल को वापस लिया जाये. आज यही मांग राष्ट्रपति से करने के लिये यह हजारों महिलाएं यहां इकट्ठा हुई हैं और मुस्लिम महिलाओं द्वारा राष्ट्रपति के नाम हजारों की संख्या में दस्तखती मुहिम चलाकर एक ज्ञापन राज्यपाल को सौंपकर इस बिल को वापस लेने की मांग की.

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