1 अप्रैल से शिक्षकों को एम शिक्षा मित्र एप के माध्यम से दर्ज करना होगी उपस्थिति

नवभारत न्यूज नलखेड़ा,

अप्रेल माह में एम शिक्षा मित्र के माध्यम से उपस्थिति दर्ज नहीं कराने वाले शिक्षकों को मई माह में वेतन नहीं मिलेगा. इसके चलते उन्हें आर्थिक तंगी के साथ ही अन्य परेशानी उठानी पड़ सकती है.

दरअसल, शिक्षा विभाग में 1 अप्रैल से एम शिक्षा मित्र पूरी तरह से लागू हो जाएगा. एप के माध्यम से ही शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज होगी. इसे लेकर शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों को एप डाउनलोड कर उसी के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश दिए हैं. इस संबंध में जिला शिक्षा विभाग को शासन स्तर से आदेश प्राप्त हो चुके है. बावजूद जिले के 50 फीसद शिक्षकों ने अब तक एप डाउनलोड नहीं किया है .

ये शिक्षक अगर अब भी नहीं जागे और एप के माध्यम से अप्रेल माह की हाजिरी नहीं लगाई, तो उन्हें वेतन नहीं मिलेगा. एम शिक्षा मित्र एप को उपयोग में लाने को लेकर विभाग के प्रमुख सचिव से लेकर जिला शिक्षा अधिकारी सख्त है. हाल ही में संभाग स्तर पर हुई बैठक में भी इसे लेकर सख्त हिदायत दी गई है.

बताया जाता कि प्रमुख सचिव स्तर से भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जो शिक्षक अप्रैल माह में ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज नहीं करें. उन्हें मई से मिलने वाला अप्रैल माह का वेतन नहीं दिया जाए. शिक्षा विभाग का कहना है कि हमने शिक्षकों को एप डाउनलोड कर उसी के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश दिए हैं. इधर, अभी भी जिले के करीब 50 फीसदी शिक्षकों द्वारा एप डाउनलोड नहीं किया गया है.

इससे लगता है कि यह मामला तूल पकड़ सकता है. दरअसल, कई शिक्षक एप के उपयोग को लेकर सहमत नहीं है. कहा जा रहा है कि कहीं शिक्षक-शिक्षिका ऐसे भी हैं, जिन्हें एंड्रॉइड, स्मार्टफोन का उपयोग करना सही ढंग से नहीं आता. बहरहाल शिक्षा विभाग एप व्यवस्था को लागू करने की पूरी तैयारी में है.

एप के माध्यम से शिक्षकों को मिलेगी कई सुविधाएं- वर्ष 2015 में शिक्षा विभाग द्वारा जो एप प्रणाली लागू की गई थी. उसमें कई विसंगतियां होने से वह पूरी तरह से सफल नहीं हो पाई थी, लेकिन अब जो प्रणाली लागू की गई है. उसके द्वारा शिक्षकों को कई प्रकार की सुविधाएं मिलेगी. जिसमें सर्विस बुक ऑनलाइन दिखेगी, उनकी जीपीएफ व अन्य क्लेम संबंधित जानकारियों के साथ एप के माध्यम से आकस्मिक अवकाश की भी स्वीकृति मिलेगी.

जिन शिक्षकों की अप्रेल माह की उपस्थिति एम शिक्षा मित्र एप के माध्यम से नहीं लगेगी. उन्हें इस माह का वेतन नहीं दिया जाएगा. इसे लेकर सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं. समय रहते शिक्षक एप डाउनलोड कर इसके माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराएं, जिससे उन्हें वेतन प्राप्ति में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े.
-ओपी सिंह तोमर, डीईओ, आगर

2015 में हो गया था फेल

शिक्षकों की अधिक उपस्थिति पर नजर रखने और उन्हें समय का पाबंद बनाने के उद्देश्य से ये एप 2015 में प्रारंभ किया गया, किंतु उस समय सही ढंग से संचालन नहीं हो पाने और एप में खामियां सामने आने पर यह फैल हो गया था.

एप के उपयोग व संचालन में काफी परेशानी आई थी. खासतौर पर ई-अटेंडेंस में लोकेशन की बड़ी परेशानी सामने आई थी. कई बार एप गलत लोकेशन भी बताता था. ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क आदि ना मिलने की समस्या ज्यादा सामने आई थी. 2 साल बाद फिर एप व्यवस्था प्रारंभ की जा रही है. जिम्मेदारों का कहना है कि पूर्व में सामने आई खामियों को अब दूर कर दिया गया है.

दो हजार शिक्षकों को आ सकती है परेशानी

एप लागू करने में शिक्षा विभाग द्वारा की जा रही सख्ती करीब 2 हजार शिक्षकों के लिए परेशानी बन सकती है. दरसअल, जिले में करीब साढ़े चार हजार शिक्षक कार्यरत हैं. इनमे से अभी भी 2 हजार से अधिक शिक्षकों ने अपने मोबाईल में एप डाउनलोड नहीं किया है.

अगर जल्द ही उन्होंने एप डाउनलोड करके उसका उपयोग प्रारंभ नहीं किया, तो उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ेगा. शिक्षा विभाग प्रत्येक शिक्षक पर नजर रखा रहा है. अप्रेल माह से जिन शिक्षकों ने एप का उपयोग प्रारंभ नहीं किया उनका वेतन रोका जाएगा.