नयी दिल्ली,

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के पास जेवर में बनने वाले दिल्ली-एनसीआर के दूसरे हवाई अड्डे का निर्माण कार्य इस साल दिसंबर तक शुरू हो जायेगा।

हवाई अड्डे के निर्माण के लिए पिछले साल जून में सैद्धांतिक मंजूरी दी गयी थी।इसके लिए यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (वाईईआईडीए) के माध्यम से तीन हजार हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है।अभी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है।

नागरिक उड्डयन सचिव राजीव नयन चौबे ने ‘यूनीवार्ता’ को बताया कि हवाई अड्डे के निर्माण के लिए अगस्त-सितंबर तक निविदा जारी किये जाने की उम्मीद है और निर्माण कार्य दिसंबर से शुरू हो सकेगा।

उन्होंने कहा “इस सप्ताह के आरंभ में मैंने स्वयं वहाँ जाकर लोगों से बात की है।लोग परियोजना के लिए स्वेच्छा से जमीन देने के लिए तैयार हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि हवाई अड्डा बनने से इलाके में रोजगार और विकास के काफी अवसर पैदा होंगे।”

नये हवाई अड्डे के विकास के पहले चरण का काम पाँच-छह साल में पूरा होने की उम्मीद है जिसकी अनुमानित लागत 10 हजार करोड़ रुपये होगी।यह दिल्ली के इंदिरा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के विकल्प और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुख्य हवाई अड्डे के तौर पर काम करेगा।

दिल्ली हवाई अड्डे पर अभी सालाना छह करोड़ यात्रियों की आवाजाही होती है जिसके वर्ष 2020 तक बढ़कर नौ करोड़ 10 लाख तथा वर्ष 2024 तक 10 करोड़ 90 लाख तक पहुँच जाने की संभावना है।

दिल्ली हवाई अड्डे के मौजूदा मास्टर प्लान के हिसाब से इसकी क्षमता 11 करोड़ यात्री सालाना से ज्यादा बढ़ाना संभव नहीं होगा।इसे देखते हुये दिल्ली-एनसीआर में दूसरे अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की जरूरत महसूस की जा रही थी।

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