पेशावर,

सुप्रीम कोर्ट से प्रधानमंत्री पद के अयोग्य ठहराये जाने के बावजूद पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ शीर्ष अदालत पर हमले का कोई मौका नहीं चूकते।

‘डॉन’ में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक जनाब शरीफ ने कल पेशावर में एक जन सभा में कहा,“ लोगों ने उन्हें पांच वर्षाें के लिए प्रधानमंत्री चुना लेकिन केवल ‘पांच लोगों (जजों) ने उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया।” उन्होंने पूछा,“मेरी क्या गलती थी? क्या मुझे रिश्वत लेने के लिए अयोग्य ठहराया गया या फिर अपने बेटे से वेतन नहीं लेने के लिए? मत की पवित्रता कहां है?”

पूर्व प्रधानमंत्री ने लाेगों से आगामी आम चुनावों में उनकी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (पीएमएल-एन) को जिताने की अपील की ताकि भविष्य में किसी निर्वाचित प्रधानमंत्री को अयोग्य ठहराने पर रोक लगाने संबंधी कानून बनाया जा सके।

श्री शरीफ को गत वर्ष सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय खंडपीठ ने अपना वेतन घोषित नहीं करने के कारण प्रधानमंत्री पद के अयोग्य ठहरा दिया था।श्री शरीफ का हालांकि दावा है कि उन्होंने कभी वेतन लिया ही नहीं।

उन्होंने न्यायपालिका पर तीखा हमला करते हुए कहा कि शीर्ष अदालत के विरुद्ध टिप्पणियों को लेकर कोर्ट ने गृह राज्य मंत्री तल्लाल चाैधरी और संघीय निजीकरण मंत्री दनियाल अजीज को अवमानना नोटिस जारी किये हैं।उन्होंने कहा,“ पहले आप तल्लाल को नोटिस जारी करते फिर दनियाल को समन किया जाता।आप अल्लाह से कैसे जवाब की उम्मीद कर सकते हैं।”

श्री शरीफ ने अपने राजनीतिक प्रतिद्वन्द्वी और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के प्रमुख इमरान खान को नहीं बख्शा और उनकी जमकर आलोचना की।उन्होंने श्री खान को पेशावर में मौजूद भीड़ देखने को कहा और दावा किया कि यहां आयी भीड़ दर्शाती है कि लोगों ने अपने नेता को अयोग्य ठहराये जाने को स्वीकार नहीं किया है।

उन्होंने कहा कि लोग जानते हैं कि उन्होंने देश के विकास, बिजली कटौती खत्म करने तथा पाकिस्तान-चीन इकोनॉमिक कोरिडोर के निर्माण के लिए दिन-रात काम किया।पाकिस्तान में 15 जुलाई को आम चुनाव होने हैं।

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