नवभारत न्यूज भोपाल,

हाउसिंग बोर्ड द्वारा राजधानी के अयोध्या नगर में 2005 में सेटेलाइट प्लाजा का निर्माण किया गया था. प्लाजा में भूतल पर दुकानें और प्रथम तल पर ऑफिस हेतु 16 हॉल बनाये गये थे.

वर्तमान में तेरह साल बीत जाने के बाद भी हाउसिंग बोर्ड बारह हॉल और भूतल पर कुछ दुकानें बेचने में असफल रहा है. ज्ञात हो कि एक हॉल की वर्तमान में कीमत लगभग अस्सी लाख है. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि लगभग दस करोड़ की प्रॉपर्टी तेरह साल से हाउसिंग बोर्ड के पास है पर बोर्ड द्वारा इसको लेकर कोई खास कदम नहीं उठाया जा रहा है.

वहीं दूसरी तरफ बोर्ड द्वारा नये-नये प्रोजेक्ट लाये जा रहे हैं, जिनका विज्ञापन आये दिन देखने को मिलता है. परंतु सेटेलाइट प्लाजा पर बात करने पर बोर्ड के अधिकारियों का जवाब होता है कि इस ओर प्रयास किये जा रहे हैं. जल्द ही इसे बेच दिया जायेगा.

दूसरी तरफ शाम होते ही नशा करने वालों का जमघट सेटेलाइट प्लाजा पर लगने लगता है. नशाखोरों के लिये प्लाजा एक बार के समान है, जहां कोई रोक-टोक नहीं है साथ ही कूड़ा-कचरा भी प्लाजा में देखने को मिल जाता है. ज्ञात हो कि सेटेलाइट पलाजा में हाउसिंग बोर्ड का डिविजनल कार्यालय भी है.

सेटेलाइट प्लाजा अयोध्या नगर के विकास के लिये बनाया गया था. बोर्ड अधिकारियों का मानना था कि प्लाजा क्षेत्र के विकास और सुविधाओं के लिये है पर रख-रखाव न होने की वजह से वर्तमान में प्लाजा की हालत खस्ता है.
-बलवंत सिंह रघुवंशी, प्रांताध्यक्ष
 हाउसिंग बोर्ड कर्मचारी संघ

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