10 हजार लेते ही हाथ हुए लाल

नवभारत न्यूज जबलपुर,

डिंडौरी निवासी जितेन्द्र विश्वकर्मा से इलेक्ट्रिक कांटे के सत्यापन करने के बदले जबरन ही घूस लेना नापतौल निरीक्षक राजेन्द्र सिंह चौधरी को भारी पड़ गया और 10 हजार रूपए की रकम लेते हुए लोकायुक्त के शिकंजे में आ गया।

जांच दल ने फौरन ही उसके रकम लिए हुए हाथ धुलाए तो पूरा पानी ही लाल हो गया। जिसके बाद निरीक्षक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला कायम किया गया।

ये रहे शामिल

एसपी लोकायुक्त श्री विश्वकर्मा ने रामपुर स्थित नापतौल कार्यालय में 10 हजार रूपए रंगे हुए प्रार्थी से निरीक्षक को देने के लिए भेजा। वहीं ताक में बैठे लोकायुक्त डीएसपी दिलीप झरवड़े निरीक्षक मनोज गुप्ता स्वप्निल दास कमल सिंह उईके आरक्षक अतुल अमित जीत सिंह शरद पाण्डे आदि मौजूद रहे।

ये था मामला

राजेन्द्र चौधरी नाप तौल निरीक्षक का पदभार दो जिलों डिंडौरी एवं जबलपुर में संभाले हुए थे। डिंंडौरी के जितेन्द्र विश्वकर्मा ने इलेक्ट्रिक कांटे के सत्यापन कराने के लिए नापतौल निरीक्षक ने सर्टिफिकेट देने के बदले में रिश्वत की मांग की। जबरन रूपए मांगने की शिकायत फरियादी ने लोकायुक्त एसपी अनिल विश्वकर्मा से कर दी।

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