मुंबई,

मुंबई के राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले में फरार चल रहे व्यापारी ज्वैलर नीरव मोदी के खिलाफ 890 करोड़ के हीरों को विशेष इकॉनामिक जोन (सेज) के माध्यम से घरेलू बाजार में गलत ढंग से लाने का मामला दर्ज कर लिया है।

निदेशालय ने अपने बयाने में कहा कि नीरव मोदी समूह की राजस्थान के जयपुर और गुजरात के सुरत में स्थित कंपनियों फॉयरस्टार इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड तथा फॉयरस्टार डॉयमंड इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड की सेज इकाइयों पर प्रभार शुल्क से मुक्त हीरों/मोतियों को गलत ढ़ंग से लाने करने का मामला दर्ज किया गया है।

हीरों, मोतियां व अन्य आभुषणों के आयात/निर्यात का कारोबार करने वाली नीरव मोदी इन कंपनियों की ये इकाइयां विशेष इकॉनामिक जोन में आती हैं जिसमें इनके निर्यात पर कोई शुल्क नहीं लगता।

डीआरआई की जांच के अनुसार इन कंपनी की सेज इकाइयों के हीरों/मोतियों की घोषित स्टॉक वैल्यू में अंतर पाया गया है। इससे साफ हो गया कि घरेलू शुल्क क्षेत्र में कुछ स्टॉक को अवैध रूप से लाया गया है।

डीआरआई के अनुसार उपलब्ध दस्तावेजों की जांच से पता चला कि 890 करोड़ के माल पर लगने वाले 52 करोड़ के शुल्क से बचने के लिए इसे सेज इकाई के जरिए घरेलू बाजार में लाया गया।

केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और अन्य जांच एजेंसिया 13,500 करोड़ रुपये के पीएनबी घोटाले में नीरव मोदी, उनके कंपनी समूहों, व्यापारिक सहयोगियों की जांच के काम में लगा हुई हैं।

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