मानव संग्रहालय ने शुरू की अनूठी पहल, जगह-जगह रखवाए सकोरे

भोपाल,

मनुष्य को प्यास लगती है तो वह कहीं भी मांग कर पी लेता है, लेकिन मूक पक्षियों को प्यास में तड़पना पड़ता है.

इस गर्मी में पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के सयुक्त निदेशक डी. एस. असवार के नेतृत्व में संग्रहालय के सभी सदस्यों द्वारा मिट्टी के पात्र में पानी भर कर जगह-जगह पौधों की डागंलियों एवं पक्षियों के आने की स्थानों पर पानी के पात्र रखें गए.

इस अवसर पर उन्होने कहा कि गर्मी में पानी को अमृत के समान माना जाता है, साथ ही साल्ट और एनर्जी पक्षियों की किडनी के फंक्शन के लिए जरूरी है. इसकी पूर्ति खनिज-लवण युक्त पानी से हो सकती है. उन्होंने कहा कि संग्रहालय के अभिनव प्रयास के साथ जुडकर भोपाल शहर के लोगों को भी अपने-अपने घरो के आस पास पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करनी चाहिए.

इस कार्यक्रम के संयोजक डॉ. मनोज कुमार जैन ने कहा कि गर्मी के मौसम में पक्षियों के लिए संकट भरे होते हैं, प्रवासी पक्षी तो मौका देख स्थान बदल लेते हैं, मगर स्थानीय पक्षी यहीं आसपास रहते हैं. इस लिए उनके जीवन की रक्षा करना जरूरी है. जिससे प्रकृति के प्रति आपके उत्तरदायित्व की पूर्ति भी हो सकती है.

गर्मी के मौसम में संग्रहालय परिसर में छोटे-छोटे पानी के स्रोत में पानी की कमी हो जाने से पक्षियों को कोई परेशानी न हो इसके लिए संग्रहालय के सभी अधिकारी-कर्माचारी को सलाह दी है कि आप सभी पक्षियों को पानी उपलब्ध कराने हेतु पौधो की डागंलियों एवं पक्षियों के आने की जगह पर मिट्टी के पात्र में पानी भर कर रखें और व स्वयं मिट्टी के पात्र में पानी भर कर स्थापित करते हुए कहा कि पक्षियों के प्रति अपने दायित्वों को लेकर समाज में सजगता आवश्यक है. आपकी थोड़ी सी सहायता उनके जीवन में खुशियां ला सकती है.
-प्रो. सरित कुमार चौधरी,निदेशक,
 इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय

Related Posts: