संयुक्त राष्ट्र,

भारत ने पाकिस्‍तान पर निशाना साधते हुए वहां मौजूद आतंकवादियों के सुरक्षित ठिकानों को खत्‍म करने के लिए संयुक्‍त राष्‍ट्र (संरा) से आग्रह किया है।

संरा में भारत के स्‍थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने सुरक्षा परिषद में अफगानिस्‍तान पर विशेष बैठक के दौरान कहा कि अफगानिस्तान में शांति के लिए सिर्फ उसके समर्थन में आवाज उठाना ही काफी नहीं है, हमारे क्षेत्र और अफगानिस्तान को सीमा पार पनाहगाहों से उत्पन्न आतंकवादी चुनौतियों का समाधान करने पर ध्यान देने की भी जरूरत है।

श्री अकबरुद्दीन ने कहा कि अफगानिस्तान के दौरे के वक्त 25 दिसंबर 2015 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पाकिस्‍तान के लाहौर की यात्रा की थी।यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस यात्रा के तुरंत बाद एक जनवरी 2016 को पठानकोट एयरबेस पर आतंकवादी हमला हुआ जो उसी तरह योजनाबद्ध था जैसा अफगानिस्‍तान में हर दिन होता है।

उन्होंने कहा कि यह हमला उस तरह की मानसिकता वाले लोगों द्वारा किया गया जो आतंकवाद को अच्‍छी और बुरी कैटेगरी में डालते हैं।शांति स्‍थापित करने में बाधा डालने वाली यह मानसिकता क्षेत्र के विकास तथा लोगों और युवाओं के लिए साझा भविष्य के निर्माण के लिए आगे बढ़ना नहीं चाहता है।
इस मानसिकता को बदलने की जरूरत है।

श्री अकबरुद्दीन ने कहा कि अफगानिस्तान में एक मशहूर कहावत है, “ यदि कीचड़ का पानी ऊपर से नीचे आ रहा है तो नीचे की सफाई में समय बर्बाद न करें, ऊपर के कीचड़ को साफ करने की जरूरत है।
वैसे ही अफगानिस्‍तान में शांति के लिए की गयी तमाम अपील पर कार्रवाई पर्याप्‍त नहीं है।हमें सीमा पार से होने वाले आतंकवादी हमलों पर भी ध्‍यान देना चाहिए।”

पाकिस्तानी सेना द्वारा जम्मू-कश्मीर में सीमा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन कर नागरिक ठिकानों को निशाना बनाये जाने को लेकर विदेश मंत्रालय ने कल नयी दिल्ली में पाकिस्तान के उच्चायुक्त सैयद हैदर शाह को तलब किया और कड़ा विरोध जताया।