ओला प्रभावित समीक्षा में सीएम ने दिए निर्देश

भोपाल,

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को ओला-वृष्टि से फसल को हुए नुकसान की समीक्षा करते हुए नुकसान का आकलन पूरी पारदर्शिता के साथ करने के निर्देश दिये हैं.

चौहान ने कहा है कि सर्वेक्षण दल में राजस्व के अलावा कृषि और पंचायत विभाग के मैदानी अमले, पंच-सरपंचों और अन्य जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाये, ताकि आकलन में किसी भी किसान को कोई शिकायत नहीं रहे. मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि फसल के नुकसान का आकलन सार्वजनिक करने के लिये पंचायत भवनों की दीवारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सर्वेक्षण की रिपोर्ट चस्पा करवाई जाये.

प्राप्त आपत्तियों का तत्काल निराकरण कर रिपोर्ट में सुधार किया जाये. चौहान ने कहा है कि प्रभावित किसानों के नुकसान की भरपाई हर हालत में होना चाहिये. बैठक में बताया गया कि फसल को हुए नुकसान के प्रारंभिक आंकड़ों में बदलाव हुआ है. अब प्रभावित गांवों की संख्या 621 से बढक़र 984 हो गई है.

बैठक में लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह, मुख्य सचिव बी. पी. सिंह, अपर मुख्य सचिव वित्त ए पी श्रीवास्तव, कृषि उत्पादन आयुक्त पी सी मीना, राजेश राजौरा, अरूण पांडे, अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस के मिश्रा, सचिव मुख्यमंत्री विवेक अग्रवाल और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.

सावधानीपूर्वक करें फसल हानि का सर्वे

मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह ने परख वीडियो कांफ्रेंस में जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया कि प्रदेश में ओला वृष्टि की स्थिति और फसलों को हुई हानि का सर्वे सावधानीपूर्वक करें. सर्वे के लिये राजस्व, कृषि और पंचायत विभाग की टीम बनाई जाये जिसमें जनप्रतिनिधियों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाये.

प्रमुख सचिव राजस्व अरूण पाण्डे ने कहा कि फसलों के नुकसान के सर्वे में पारदर्शिता रखी जाये. सर्वे की सूची ग्राम पंचायतों में भी चस्पा की जाये. उन्होने बताया कि लघु और सीमांत किसानों को अब 50 प्रतिशत से अधिक फसल हानि होने पर सिंचित फसल के लिये 30 हजार रूपये और असिंचित फसल के लिये 16 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर की दर से राहत दी जाएगी.

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