बग्गी पर दूल्हे की जगह दुल्हन और बारातियों की जगह नाच रहे थे घराती

  • संतनगर में सामने आई अनोखी परंपरा

संत हिरदाराम नगर,

शादी समारोह में दुल्हे की बारात तो हम सभी ने देखी है, जिसमें बग्गी या घोड़ी पर दुल्हा सवार होता है और बाराती नाचते नजर आते हैं. लेकिन कम ही लोगों ने ऐसा देखा होगा कि दुल्हे की जगह दुल्हन बग्गी पर सवार हो और घराती नाच रहे हों.

ऐसी अनोखी बारात संत नगर में देखने को मिली, जहां पर एक पिता ने इकलौती बेटी की बारात धूमधाम से निकाली. जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. दरअसल, संत नगर में बग्गी पर दूल्हे की जगह दुल्हन सवार थी और बारातियों की जगह घराती नाच रहे थे.

यह नजारा गुरूवार शाम को देखने को मिला. वी वार्ड निवासी सुरेश कुमार खुशलानी ने अपनी इकलौती बेटी को बेटे की तरह पाला इसलिए उसकी शादी में उन्होंने बारात निकाली. जिसमें ज्योति बग्गी में सवार थी और घराती नाच रहे थे.

यह बारात मुख्य मार्ग पर जैसे ही पहुंची तो देखने वालों का हुजूम उमड़ पड़ा. हर कोई इस अनोखी बारात की तारीफ कर रहा था. इससे पहले भी संत नगर में रमेश बागवानी के यहां शादी थी. जहां पर उन्होंने अपनी बेटी लवीना की बारात निकाली थी और सैनिक कालोनी निवासी रमेश मंगतानी ने अपनी बेटी चांदनी की बारात निकाली थी.

हर बेटी की निकलनी चाहिए बारात : ज्योति

दुल्हन बनी ज्योति ने बताया कि वह पापा की इकलौती बेटी हैए इसलिए मेरे पिता ने शादी में पूरे शहर में कुछ अनोखा करने का सोचा और उन्होंने मेरी बग्गी में बारात निकाली. इससे मैं बहुत खुश हूँ साथ ही शादी में आये हुए मेहमान भी बहुत खुश हैं.

उन्होंने कहा कि जब बेटे की बारात निकल सकती है तो बेटी की क्यों नहीं. जिस तरह से संत नगर में बेटियों की बारात का चलन शुरू किया गया है इससे बेटियों को गर्व है. बेटी का सिर भी उपर कर उनका मान सम्मान करें. इसलिए हर बेटी की बारात निकलनी चाहिए और उनका स्वागत करना चाहिए.

सोनू, निक्की ने अपनी बहन को चढ़ाया बग्गी पर

ज्योति के भाई सोनू और निक्की ने बारात शुरू होने से पहले अपनी बहन को बग्गी पर चढ़ाया और दुल्हे की तरह उसकी बारात निकाली. निक्की ने बताया कि ज्योति हमारी इकलौती बहन है उसे बचपन से बड़े लाड़ प्यार से पाला है. इसलिए हमारी इच्छा थी उसकी शादी में बेटे की बारात निकाले और घर से विदा करे. इसलिए उसकी बारात निकालने का निर्णय लिया.

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