सरकार का ऐलान

नई दिल्ली,

सरकार ने पीएसयू बैंकों को लेकर बड़ा एलान किया है। सरकार ने पीएसयू बैंकों में 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की पूंजी डालने का एलान किया है। एसबीआई में 8800 करोड़ रुपये, पीएनबी में 5473 करोड़ रुपये, बैंक ऑफ बड़ौदा में 5375 करोड़ रुपये, केनरा बैंक में 4865 करोड़ रुपये और यूनियन बैंक में 4524 करोड़ रुपये की पूंजी डाली जाएगी।

सिंडिकेट बैंक में 2839 करोड़ रुपये, आंध्रा बैंक में 1890 करोड़ रुपये, पंजाब एंड सिंध बैंक में 785 करोड़ रुपये, आईडीबीआई बैंक में 10610 करोड़ रुपये, बैंक ऑफ इंडिया में 9232 करोड़ रुपये, यूको बैंक में 6507 करोड़ रुपये, सेंट्रल बैंक में 5158 करोड़ रुपये, आईओबी में 4694 करोड़ रुपये, ओबीसी में 3571 करोड़ रुपये, देना बैंक में 3045 करोड़ रुपये और बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 3173 करोड़ रुपये की पूंजी डाली जाएगी। यूनाइटेड बैंक में 2634 करोड़ रुपये, कॉरपोरेशन बैंक में 2187 करोड़ रुपये, इलाहाबाद बैंक में 1500 करोड़ रुपये और विजया बैंक में 1277 करोड़ रुपये की पूंजी डाली जाएगी।

सरकार ने बैंकिंग रिफॉर्म्स के लिए रीकैप बॉन्ड का रोडमैप जारी कर दिया है इसकी जानकारी देते हुए वित्तीय सचिव राजीव कुमार ने कहा कि पीएसयू बैंकों को परफॉरमेंस के आधार पर पूंजी दी जाएगी। साथ ही 250 करोड़ रुपये से ऊपर के लोन पर खास निगरानी रखी जाएगी। पीएसयू बैंकों को विदेशों में ब्रांच खोलने के लिए भी संयम बरतना होगा। सरकार ने साफ किया कि पीएसयू बैंकों पर ग्राहकों को भरोसा है और बैंकों में उनका पैसा सुरक्षित है।

डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा

नोटबंदी के बाद मोदी सरकार ने डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के काफी प्रयास किए है आर सरकार इसमें काफी हद तक सफल भी हो गई है पर कुछ समय से यह देखा जा रहा है देश में कैश का इस्तेमाल नोटबंदी से पहले के स्तर पर पहुंच गया है जिसके कारण सरकार की डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने की योजना को बड़ा झटका लगा है।

यह देखते हुए सरकार डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए कैश के इस्तेमाल को महंगा करने की तैयारी में जुट गई है। इस कोशिश के तहत सरकार बैंक से कैश निकालना मुश्किल करेगी जिसके लिए कैश काउंटर कम करने की सिफारिश की गई है। सरकार की एटीएम में फ्री ट्रांजैक्शन कम करने की भी योजना है। अब ज्यादा कैश ट्रांजैक्शन करना महंगा होगा और डिजिटल ट्रांजैक्शन करने वालों को तरजीह दी जाएगी।

बैंक कर्मियों को भी मिलेगा इंसेंटिव

डिजिटल को बढ़ावा देने वाले बैंक कर्मियों को इंसेंटिव भी दिया जाएगा। रिटेलर्स को भी डिजिटल पेमेंट लेने के लिए इंसेंटिव मिलेगा। रिटेलर्स को पीओएस मशीन फ्री देने की सिफारिश की गई है। कैश को टैक्स से जोडऩे की भी सिफारिश की गई है। जिसके तहत चुकाए गए टैक्स के हिसाब से कैश निकालने की इजाजत होगी। इससे व्यापारी टैक्स भरने को मजबूर होंगे। अब सरकारी ट्रांजैक्शन के लिए डिजिटल पेमेंट पर जोर होगा। कैशलेस ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने का बोर्ड लगाने की भी सिफारिश की गई है।

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