नवभारत न्यूज विदिशा,

करैया खेड़ा रोड गली नं. 2 में हरिसिंह कुशवाह के मकान में किराये से रहने वाले हरीसिंह राजपूत के निधन पर उनकी पोती कुमारी शालू राजपूत ने उन्हें मुखाग्नी दी.

अंतिम यात्रा वाहन में बैठकर मुक्तिधाम तक आयीं तब शालू से पता चला कि शालू की मां उसे जन्म देते ही इस दुनिया से विदा हो गई थी और पिता जसवंत सिंह राजपूत लगभग 8 वर्ष पहले घर से बिना बताए चले गए, जिनका आज तक परिवार को इंतजार है. शालू ने बताया कि वह अपने दादा दादी के साथ रहती थी.

दो माह पहले दादी श्रीमती शांति बाई राजपूत का भी निधन हो गया तो शालू और बाबा करैया खेड़ा रोड पर गली नंबर 2 में एक किराए के घर में अपना जीवन बसर कर रहे थे. शुक्रवार को शालू के बाबा हरिसिंह राजपूत भी इस दुनिया से विदा हो गए.

Related Posts: