दोस्ती प्यार में बदल सकती है मगर प्यार कभी दोस्ती में नहीं बदल सकता. अगर आपको अपने दोस्त के साथ ही प्यार हो गया है तो बिना हिचकिचाहट उसका इजहार कर दें…

दोस्ती में प्यार तलाशना एक बड़ी चुनौती है. जिन लोगों की दोस्ती प्यार में बदली है, उनके रिलेशन ज्यादा मजबूत होते हैं, लेकिन जब दोनों में से एक शख्स को यह लगने लगे कि उनकी दोस्ती प्यार में नहीं बदल सकती, तब उलझन भरी स्थिति बन जाती है.

ऐसे में न प्रेम जीवित रह पाता है न दोस्ती. दोस्ती और प्यार के बीच मामूली-सा ही फर्क होता है जिसके चलते कई बार लोग इस फर्क को जान नहीं पाते और दोस्ती को प्यार या प्यार को दोस्ती ही समझते रहते हैं. अगर आपको भी किसी के प्रति अपनी फींलिग्स को लेकर कोई शक है, तो हम आपको बता रहे हैं तरीका यह समझने का कि यह सिर्फ दोस्ती है या प्यार का एहसास.

हर बात पर सलाह

बात चाहे कितनी ही छोटी क्यों न हो, आप उसकी हमेशा सलाह लेती हैं और उसकी हर बात, हर सलाह आपको अच्छी भी लगने लगती है तो ये प्यार के रूमानी एहसास के लक्षण ही हैं.

जलन और ईष्र्या

जिस महिला से वह डेट करता है या उसके प्रति आकर्षण महसूस करता है, क्या उससे आपको जलन और ईष्र्या होती है? अगर जवाब हां है तो यह प्यार है और अगर ऐसा नहीं होता और उल्टा आप चाहती हैं कि वह किसी और लडक़ी को डेट करे तो यह दोस्ती है.

नजदीकियों की चाहत

क्या आप उसे देखने, उससे मिलने, बात करने, कॉल करने या नकादीक रहने के बहाने ढूंढने लगी हैं? क्या अब आपको सिर्फ उसका साथ ही अच्छा लगता है? क्या हमेशा यही इंतजार रहता है कि किसी भी तरह उससे मिलना हो जाए? अगर आपका दोस्त कुछ दिनों के लिए शहर से बाहर गया हो, तो क्या आपको बेचैनी होती है और आप उसके वापस लौटने का इंतजार करती हैं? अगर इन सभी सवालों का जवाब हां में है तो आपको प्यार हो चुका है.