नवभारत न्यूज भोपाल,

रीजनल स्कूल की शिक्षिका ने जब पड़ोसी और सहकर्मी द्वारा अपशब्द कहकर परेशान करने की शिकायत की तो प्रबंधन ने आरोपी पर कार्यवाही करने की बजाए पीडि़ता को ही शिफ्ट होने का आदेश दे दिया.

मामले में महिला आयोग के हस्तक्षेप के बाद महिला को क्षेत्रीय प्रबंधन संस्थान द्वारा उसी क्वार्टर में रहने की अनुमति दी गई, जिसमें वह पहले रहती थी.

यह है पूरा मामला

क्षेत्रीय शिक्षण संस्थान में शिक्षिका के पद पर कार्यरत महिला ने जब अपने पड़ोसी और सहकर्मी संजय फ्रांसिस द्वारा उसे अपशब्द कहने और उसे देखकर गाना गाने की शिकायत कॉलेज की सेक्सुअल हैरेस्मेंट कमेटी से की तो कॉलेज की कमेटी द्वारा जांच यह कह कर बंद कर दी गई की गाना गाना किसी अपराध की श्रेणी में नहीं आता. सके बाद प्रबंधन ने अगस्त 2016 को महिला को ही क्वार्टर शिफ्ट करने का आदेश दिया.

जिस क्वार्टर में शिफ्ट होने का आदेश दिया गया वह असुरक्षित जगह पर था. में नहीं चाहती थी की मामले की शिकायत के लिए मुझे संस्था से बाहर जाना पड़े. पर जब मेरे पास और कोई रास्ता नहीं बचा तो मुझे महिला आयोग आना पड़ा, जहां से मुझे न्याय मिला .
-सुनीता परदेशी, आवेदिका

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