भोपाल, भोईपुरा स्थित केला घाट पर गुरुवार सुबह माता की प्रतिमा से जल गायब होने की जानकारी सामने आने के बाद वहां पर भक्तों का तांता लग गया. मंदिर में पहुंचे श्रृद्वालु इसे चमत्कार मानकर भजन कीर्तन भी करने लगे.

इसके बाद वहां पर पुलिस बल पहुंचा और फिर भक्तों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर मंदिर के पट बंद कर दिए गए. बाहर से ही भक्तों को दर्शन करने दिया गया. मंदिर परिसर में कुछ जगहों पर सिंदूर लगे पैरों के निशान भी मिले. यह खबर थोड़ी ही समय में शहर में आग की तरह फैल गई. भक्तों का कहना था कि देवी मां स्वयं जल पी रही हैं, जिससे कि माता के प्रतिमा पर जल चढ़ाते ही जल गायब होता जा रहा है.

छोटा तालाब किनारे स्थित भोईपुरा केला घाट पर देवी का मंदिर बना हुआ है. यहां पर हर रोज सुबह से ही श्रृद्वालु पूजा अर्चना के लिए आते हैं. गुरुवार सुबह रेणू मालवीय माता की प्रतिमा पर जल चढ़ाने गई थीं,उनके मुताबिक उन्होंने माता पर जल चढ़ाया तो जल दिखाई ही नहीं दिया. इसके बाद उन्होंने माता पर और जल अर्पित किया तो फिर भी जल कहीं नहीं दिखा.

इसके बाद उन्होंने यह जानकारी मंदिर में रहने वाले पुजारी को दी तो वे भी पहुंच गए, जल चढ़ाने के बाद अपने आप गायब सा हो जाता था, जब उन्होंने इधर उधर देखा तो मंदिर में कई स्थानों पर सिंदूर लगे पैरों के निशान भी मिले. इसके बाद यह बात जैसे ही भक्तों को पता चली वहां पर भक्तों के पहुंचने का तांता लग गया.

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