ओलावृष्टि प्रभावित किसानों ने निकाली पदयात्रा, किया तहसील कार्यालय का घेराव

सीहोर/ नसरुल्लागंज नवभारत न्यूज.

एक दिन पहले रविवार को आसमान से बरसे ओलों ने किसानों की फसलों को मटियामेट कर दिया. चंद पलों में सब कुछ गंवा देने वाला किसान सोमवार को मुआवजे की मांग को लेकर गांवों से पैदल निकला और तहसील कार्यालय का घेराव कर दिया. इन किसानों का कहना था कि जब तक क्षेत्र के विधायक व प्रदेश के मुख्यमंत्री स्वयं उनके पास नहीं आएंगे वह तहसील कार्यालय के सामने धरने पर डटे रहेंगे.

जिले में लहलहाती रबी सीजन की फसलों पर रविवार को जोरदार बारिश के साथ गिरे ओलों ने वज्रपात कर दिया. ओलों की मार से कई गांवों की फसलें पूरी तरह मटियामेट हो गई हैं और किसान बुरी तरह से परेशान हो गया है. सर्वाधिक नुकसान जिले की नसरुल्लागंज ब्लाक के दर्जनों ग्रामों में हुआ है जहां पूरी फसल बर्बाद हो गई है.

हालांकि ओलावृष्टि होने के तत्काल बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया था. कलेक्टर तरुण कुमार पिथौड़े ने राजस्व और कृषि विभाग के अमले को गांवों में जाकर फसल नुकसान का सर्वे करने के निर्देश जारी किए थे. इतना ही कलेक्टर श्री पिथौड़े स्वयं रविवार को नसरुल्लागंज तहसील के अनेक गांवों में पहुंचे थे और फसल नुकसान का जायजा लिया था. इसके लिए उन्हें बाइक की सवारी भी करना पड़ी थी.

बावजूद इसके प्रकृति की मार से बेजार किसान सोमवार को सडक़ों पर उतर आए. लगभग तीन दर्जन ग्रामों के किसानों ने पदयात्रा निकालते हुए तहसील मुख्यालय की ओर कूच किया. हाथों में खराब उपज लिए किसानों का काफिला नसरुल्लागंज पहुंचा और तहसील कार्यालय का घेराव कर दिया.

धरने पर बैठे किसानों का कहना था कि हमारे क्षेत्र के विधायक शिवराज सिंह चौहान जब तक हमसे मिलने नहीं आएंगे तब तक उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा. इस अवसर पर एसडीएम, तहसीलदार और एसडीओपी के अलावा भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात था.

ओलावृष्टि में अपनी फसलों के तबाह होने के बाद मायूस किसानों का कहना था कि सर्वे दल केवल सडक़ किनारे के खेतों में ही जाकर सर्वे कर रहा है, जबकि अंदरूनी क्षेत्रों में ओलावृष्टि के दूसरे दिन कोई सर्वे दल नहीं पहुंचा है.

इसके अलावा कई किसानों ने सर्वे करने वाले पटवारी व कर्मचारियों पर वाहन में बैठे- बैठे सर्वे करने का भी आरोप लगाया है. पदयात्रा कर तहसील मुख्यालय पर पहुंचे किसानों की मांग है कि उन्हें तत्काल बीमा राशि और सौ प्रतिशत मुआवजा दिया जाए. इन पंक्तियों के लिखे जाने तक सैकड़ों किसान तहसील कार्यालय के सामने धरने पर बैठे हुए थे.

सोमवार को कलेक्टर श्री पिथौड़े जिले की आष्टा तहसील के ग्राम भीलखेड़ी सडक़, किलेरामा, बाऊपुरा और डोराबाद तथा जावर तहसील के ग्राम अरनियागाजी एवं डोडी पहुंचे जहां उन्होंने गत दिवस ओला वृष्टि से प्रभावित फसलों का निरीक्षण किया और प्रभावित कृषकों से चर्चा कर उन्हें शीघ्र कार्यवाही हेतु आश्वस्त किया. उन्होंने संबंधित अमले को त्वरित तटस्थ सर्वे के भी निर्देश दिए. इस अवसर पर एसडीएम राजीव रंजन पाण्डे, तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी व अन्य शासकीय सेवक मौजूद थे.

आफत बनकर आई बारिश

बरेली. रविवार की रात अचानक हुई बेमौसम बारिश किसान और आम जन के लिए आफत बनकर आई। बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया। बेमौसम हुई बरसात से खेतों में कटी पड़ी चना, अरहर, मसूर की फसलें गीली हो गईं जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। वहीं तेज हवा के कारण खेतों में खड़ी फसल बिछ गई जिससे किसानों को उत्पादन प्रभावित होने की चिंता सताने लगी है।

बारिश से आम जनता को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। अचानक हुई बारिश से लोगों के घरों में पानी भर गया जिससे लोग परेशान होते रहे। उधर एनएच पर हो रहे गड्ढों मेें पानी भर जाने से वाहन चालकों को भारी असुविधा हुई। दो पहिया वाहन चालक भी सबसे ज्यादा परेशान हुए।

कोहरे की ओट में छुपा रहा नगर- बारिश होने से मौसम का मिजाज एक दम बदल गया है। बारिश के बाद सर्दी ने एक बार फिर तेवर दिखाना शुरू कर दिए। सर्द हवाएं चलने से लोगों को सर्दी से बचाव के लिए गर्म ऊनी कपड़ो का सहारा लेना पड़ा।

 

वहीं सोमवार को पूरा नगर सुबह से कोहरे के आगोश में रहा। हालत यह थी कि कोहरे के कारण दृश्यता कम होने की वजह से वाहन चालकों को दिन में लाईट जलाकर चलना पड़ा। कोहरे की वजह से सोमवार को लोगों को सूर्य देवता के दर्शन भी देर से हुए।

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