उदयपुरा से दण्डवत करते पहुंचे लोगों का किया स्वागत

नवभारत न्यूज भोपाल,

राज्य में वकीलों पर हो रहे हमलों को देखते हुए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को सरकार जल्द से जल्द लागू करे. इस मांग सहित तैतीस सूत्रीय मांगों के साथ रायसेन जिले के उदयपुरा तहसील से करीब पौने दो किलोमीटर तक साष्टांग दण्डवत करते हुए पहुंचे लोगों का जिला बार एसोसिएशन ने स्वागत के साथ मांग का समर्थन किया.

मध्य प्रदेश स्टेट बार कौंसिल के सचिव मो.मेहबूब अंसारी, अध्यक्ष जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश व्यास, सचिव पीसी कोठारी सहित अन्य वकीलों ने लोगों का स्वागत किया.

करीब सौै लोगों का नेतृत्व करते हुए भोपाल पहुंचे सुनील दीक्षित ने कहा कि अगर राज्य सरकार प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने सहित अन्य मांगों को पूरा नहीं करती है तो बीएचईएल मैदान में आमरण अनशन किया जाएगा. जानकारी के अनुसार यात्रा एक जनवरी से शुरू होकर रविवार देर शाम भोपाल पहुंची है.

दीक्षित के अनुसार बीते दिसंबर में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया गया था व मांगे नहीं माने जाने पर यह दण्डवत यात्रा निकाली गई है. मांगों को लेकर दण्डवत प्रणाम यात्रा गुफा मंदिर में अभिषेक के साथ खत्म होगी.

जिला अदालत परिसर से साष्टांग दण्डवत करते हुए वल्लभ भवन की ओर जाने पर पुलिस बैरिकेट्स लगाकर यात्रा को रोक दिया. बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के समझाने पर पुलिस ने यात्रा को आगे बढ़ा दिया.

 

पुलिस ने यात्रा को किसी आंदोलन होने की गफलत में इसे रोक दिया था लेकिन बार की उपाध्यक्ष वकील सपना चौधरी द्वारा अधिकारी को इस यात्रा में मांगों में से एक प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने में समर्थन देने व वकीलों के वापिस अदालत लौटने की बात
कहने पर स्थिति स्पष्ट हो पाई. इसके बाद यात्रा में शामिल लोग सडक़ दण्डवत प्रणाम करते हुए वल्लभ भवन की ओर आगे बढ़ गए.
मांगों को लेकर करीबी जिले रायसेन की उदयपुरा तहसील के बोरास स्थित शहीद स्मारक शुरू हुई यात्रा तकरीबन पंद्रह दिनों बाद भोपाल पहुंची. सडक़ मार्ग से दण्डवत प्रणाम (सरे भरते हुए) करते हुए लोगों ने शिवराज सरकार होश में आओ के नारे लगाते हुए मांगें पूरी करने को कहा. प्रमुख मांगों में
शासकीय गौशाला का निर्माण, अधिग्रहण का उचित मुआवजा, वकीलों एवं पत्रकारों के लिए प्रोटेक्शन एक्ट लागू करना, शासन द्वारा योजनाओं का वास्तविक हितग्राही को लाभ, किसानों, मजदूरों व महिलाओं पर दर्ज झूठे प्रकरणों को वापिस लेने सहित 109 गांवों में नल जल योजना का स्थाई लाभ
देने की मांग प्रमुखता से रखी गई है.

 

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