सीडी और कार से मिली फाइल से जुटाएगी सबूत

भोपाल, 6 सितंबर, नभासं. शहला हत्याकांड की जांच-पड़ताल कर रही सीबीआई टीम मंगलवार को दोपहर शहला के एमपी नगर स्थित मिरेकल दफ्तर पहुंची.
टीम के साथ दिल्ली की सेन्ट्रल फारेंसिक साइंस लैब के अधिकारी भी थे. वहां पर साइंटिफिक रूप से फारेंसिक टीम ने जांच-पड़ताल की. शहला की हत्या के बाद पुलिस ने उसके मिरेकल कम्पनी के कार्यालय की छानबीन कर उसे सील कर दिया था.

पुलिस ने यहां से कुछ फाइलें तथा काफी तादात में सीडी भी बरामद की थीं. अब सीबीआई सीडी और मोबाइल कॉल डिटेल की बारीकी से जांच करेगी. इसके अलावा रिक्रिएशन रिपोर्ट के अन्य बिन्दुओं पर भी जांच करना शुरू करेगी. सोमवार को शहला की कार से मिली फाइलों में मिली जानकारी को आधार बिन्दु मानकर पूछताछ करेगी. ऐसी संभावनायें व्यक्त की जा रही हैं कि उक्त फाइलों में कई राज छिपे हो सकते हैं. मौजूदा समय में सीबीआई के अधिकारी इस संबंध में कुछ भी बताने से इन्कार कर रहे हैं.

इधर फोरेंसिक रिपोर्ट आने से पूर्व शहला हत्याकांड में कुछ प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से नाम सामने आये हैं. उक्त लोगों से सीबीआई टीम पूछताछ करने की तैयारी कर रही है.
अभिनेत्री कुनीका सदानंद लाल शहला के घर उसके परिजनों से मिलने पहुंची. इस अवसर पर कुनीका ने कहा कि शहला मसूद की हत्या की गुत्थी अभी तक नहीं सुलझ सकी है. प्रदेश में आरटीआई एक्टिविस्ट सुरक्षित नहीं हैं. मैं शहला से पूर्व में परिचित नहीं हूं. केवल मैं आरटीआई एक्टिविस्ट की हैसियत से परिवारजनों से मिलने आई हूं. क्योंकि उसकी हत्या ने मेरे मन को झकझोर दिया है. कुनीका ने आगे कहा कि अगर देश में आरटीआई एक्टिविस्ट की सुरक्षा को लेकर कोई कानून नहीं बनाया गया तो सूचना के अधिकार के अंतर्गत जानकारी मांगने वाले लोगों के इसी तरह प्राण जाते रहेंगे. चाहे तो राज्य सरकारें भी विशेष कानून बनाकर जानकारी मांगने वाले कार्यकर्ताओं के प्राण की रक्षा कर सकती है.

शहला हत्याकांड की निष्पक्ष जांच होना चाहिये ताकि वास्तविकता और कुछ चेहरे जो पर्दे के पीेछे छुपे हैं, वह बेनकाब हो सकें. कुनीका ने कहा कि प्रदेश के सभी आरटीआई एक्टिविस्ट से मैं अपील करना चाहूंगी कि भ्रष्टïचार को उजागर करने में पीछे नहीं हटें. परंतु अपनी सुरक्षा के प्रति लापरवाह भी नहीं रहें.

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