कहीं एसडीओपी और आरक्षक तो कहीं दुकानदार हुए घायल

गुना,

संविधान के साथ छेड़छाड़ और हाल ही में एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ शहर में रैली के रूप में निकालकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया. इस दौरान भाजपा की केन्द्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई.

एक्ट में संशोधन को लेकर दलित और आदिवासी बाहुल्य समाज काफी रूष्ट और उग्र देखा गया जिसमें उन्होंने पूरे शहर से निकलकर बंद का आव्हान किया और भारत बंद के साथ-साथ गुना बंद की अपील की.

भारत बंद के आव्हान को लेकर पुलिस प्रशासन काफी सक्रिय देखी गई. इसके साथ ही प्रशासन ने चौक-चौराहों सहित विभिन्न गली-मोहल्लों में पुलिस जवान तैनात कर दी गई जो दिनभर मुस्तैदी के साथ खड़ी देखी गई और बंद में समर्थन भी करती रही.

संचार सेवा रहीं बंद – भारत बंद के आव्हान के बीच कई संचार सेवा बंद देखी गई. इससे लोग सोशल साइडों पर खबरों को लेकर काफी उतावले देखे गए.

विदिशा जिले में दिखा बंद का मिला-जुला असर- विदिशा. एससी-एसटी एक्ट के बारे में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के विरोध में अजजा संगठनों के बंद का जिले में दोपहर तक मिला-जुला असर देखा गया. जबकि 4 तहसीलों में बाजार खुले रहे.

इस दौरान दलित संगठन ने प्रात: 10 बजे माधवगंज चौक पर एससी-एसटी एक्ट के बारे में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का विरोध करते हुये प्रदर्शन किया और रैली निकाल बंद का आव्हान किया. सपाक्स, बजरंग दल और करणी सेना ने जातिगत आरक्षण और बंद का विरोध किया. वहीं करणी सेना कार्यकर्ताओं ने तिलक चौक पर आरक्षण का पुतला फूंका.

144 का उल्लंघन करने पर पार्षद की पिटाई- सागर. एससीएसटी एक्ट में बदलाव के खिलाफ अनुसूचित जाति वर्ग द्वारा आज आयोजित भारत बंद के दौरान सागर शहर मेंजमकर उत्पात मचा. खुली हुई दुकानो को बंद कराने अजा वर्ग के लोगों द्वारा दुकानदारों से मारपीट की गई, शटर तोड़े गए.

शहर में धारा 144 लागू होने के बाद जुलूस लेकर आ रहे कांग्रेस पार्षद महेश जाटव को पुलिस ने जमकर पीटा. बंद के दौरान बलवाईयो द्वारा दुकानो के शटर तोडे जाने और सदर में एक दुकान में आगजनी की घटना के बाद कलेक्टर आलोक सिंह ने दोपहर 12 बजे शहर में धारा 144 प्रभावशील कर दी थी. कटरा में भीतर बाजार के सामने बंद समर्थको के जुलूस ने खुली दुकानों पर हमला कर दिया.

आधे दिन रहा पूरा बाजार बंद – टीकमगढ़. दलित समुदाय द्वारा भारत बंद का आहृवाहन किया गया था इस दौरान नगर में दलित समाज द्वारा एक विशाल जुलूस निकाला गया जिसमें दलित समुदाय द्वारा यह नारे लगाये जा रहे थे जो हमसे टकरायेगा वह चूर चूर हो जायेगा लेकिन नगर में पूर्णत: शांति व्यवस्था कायम रही.

सुबह से ही अधिकांश दुकाने बंद रही और दलित समुदाय द्वारा एक विशाल रैली निकाली गई जो नगर के मुख्य मार्गो से होते हुए जिला मुख्यालय पहुँची और उन्होने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा. दोपहर के बाद सारी दुकाने नगर की खुल गई.

अशोक नगर में भिड़े दो गुट

अशोकनगर. भारत बंद के साथ अशोकनगर बंद के दौरान सरकार से रूष्ठ लोग बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट आवेदन देने पहुंचे जिनके बीच आपस में दो गुटों के बीच झड़प हो गई. इस बीच मौके पर पुलिस जवान सहित एसडीओपी के द्वारा बीच-बचाव किया गया तो प्रदर्शनकारियों के पथराव के बीच तीन आरक्षक और एक एसडीओपी धायल हो गए. प्रदर्शनकारियों में बड़ी संख्या में जिले के दलित वर्ग और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए.

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