उमरिया,

मध्यप्रदेश के उमरिया जिले मे स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व में एक घायल बाघ का सफल आपरेशन किया गया। छह वन्य जीव चिकित्सकों ने चालीस मिनट में चालीस टांके लगाकर उपचार किया। आपरेशन के बाद बहेरहा इन्क्लोजर में बाघ को छोड़ा गया है।

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर मृदुल पाठक ने बताया कि घायल बाघ, सप्ताह भर पूर्व धमोखर रेंज में एक अन्य बाघ के साथ लड़ाई में घायल होकर गड्ढे में गिरा मिला था।

घायल बाघ का उपचार बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व में किया जा रहा था, परंतु उसके घाव का सफल आपरेशन करना आवश्यक था। ऐसी स्थिति मे कल, सेंटर फॉर वाइल्ड लाइफ हेल्थ जबलपुर के चार वन्य जीव चिकित्सकों सहित बांधवगढ़ एवं संजय टाइगर रिज़र्व की छह डाक्टरों की टीम ने पिंजरे में कैद बाघ को पहले ट्रेंकोलाइज किया फिर आपरेशन शुरू किया।

चालीस मिनट तक चले उपचार में डाक्टरों ने बाघ के शरीर में मौजूद गंभीर घावों का इलाज किया और चालीस टांके लगाये। श्री पाठक ने बताया कि उपचार के बाद पार्क प्रबंधन ने बाघ को बहेरहा इन्क्लोजर में छोड़ दिया है। जहाँ होश में आने के बाद बाघ घूमता दिखाई दिया।

श्री पाठक ने बताया की घायल बाघ को पहले इलाज के लिए वन विहार भोपाल भेजना था, लेकिन लम्बे सफ़र में गंभीर रूप से घायल बाघ के जीवन को खतरा हो सकता था। इसलिए एक्पर्ट चिकित्सकों की मदद से यहीं आपरेशन कराया जाना तय किया गया। चिकित्सकों ने बताया कि उपचार के बाद बाघ स्वस्थ अवस्था में घूम रहा है। जल्द उसके घाव भर जायेंगे और वह जंगल में स्वतंत्र विचरण कर सकेगा।

दो बाघों की आपसी लड़ाई में घायल बाघ को पार्क प्रबंधन ने एक अप्रैल को धमोखर परिक्षेत्र से रेस्क्यू कर गड्ढे से निकाला था और बठान कैंप में रखकर उसका इलाज किया जा रहा था।

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