भिंड और ग्वालियर में आकाशीय बिजली गिरने से 2 की मौत, दमोह में 2 टीकमगढ़ में 3 लोग घायल

खास बातें

  • बारिश, ओलावृष्टि से मौसम में बढ़ी ठंडक अगले 24 घंटे में फिर बारिश के आसार
  • गेहूं, चना, मटर, मसूर की फसलों को नुकसान की आशंका
  • मुख्यमंत्री किसान सम्मेलन रद करें, 500 करोड़ की किसानों को दें राहत: अजय सिंह

नवभारत न्यूज टीम
भोपाल/इंदौर/ग्वालियर/छिंदवाड़ा/ जबलपुर,

मध्यप्रदेश में आज मौसम ने अचानक करवट बदली. प्रदेश के कई स्थानों पर बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई एक ओर जहां मौसम में ठंडक घुल गई है, वहीं फसलों को नुकसान होने का अंदेशा जताया जा रहा है.

स्थानीय मौसम विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों ने बताया कि पश्चिम राजस्थान में उपरी हवाओं में बने चक्रवात के कारण प्रदेश के मौसम ने करवट बदली है. इसके चलते ही राज्य के अधिकांश स्थानों पर ओलावृष्टि और हल्की बारिश हुई है. वैज्ञानिकों ने बताया कि अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के ग्वालियर, चंबल, रीवा, भोपाल संभाग के जिलों के अलावा बैतूल, हरदा, छिंदवाड़ा, सिवनी और नरसिंहपुर जिले में ओले गिरने के आसार हैं. राज्य के शेष स्थानों पर गरज चमक के साथ हल्की वर्षा हो सकती है.

प्रदेश के बैतूल जिले में कई स्थानों पर हल्की बारिश के साथ ओले गिरे जिससे वहां ठंड बढ़ गयी. जिले के चिचोली सहित निवारी, रोझड़ा, मालीपुरा, नसीराबाद गांव में सुबह हल्की बारिश के साथ लगभग दस मिनट तक ओलावृष्टि हुई. इससे फसलों को नुकसान पहुंचा है. सुबह सूर्य निकलने बाद एकाएक मौसम का मिजाज बदल गया. अचानक बादलों के आने के बाद तेज ओले गिरने से ठंड को फिर से बढ़ा दिया है.

हालांकि ओलावृष्टि के रुकने के बाद फिर से धूप खिल गयी. ओलावृष्टि के चलते गेहूं, चना, मटर, मसूर की फसलों को नुकसान होने के साथ साथ आम और महुआ सहित जगंल में होने वाली उपज को नुकसान पहुंचा है. शिवपुरी में आज तेज गडग़ड़ाहट के साथ रुक रुक कर सुबह से बारिश हुई जिससे मौसम ठंडा हो गया. इस बारिश को पकी फसलों के लिए थोड़ा सा हानिकारक बताया है. अभी सरसों और चने की फसलें कटना शुरु हो गई हैं.

हरी फसलों के लिए यह वर्षा लाभप्रद बताई गई है. देर शाम तक आसमान पर बादल छाए हुए थे बारिश की संभावना है. श्योपुर जिले में कई स्थानों पर हल्की बारिश के साथ चने के आकार के ओले गिरे जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा है.

बताया गया है कि श्योपुर सहित जिले भर में सुबह कई जगह हल्की बरसात हुई और कुछ जगह चने आकार के ओले गिरे जिससे दलहनी फसलों को नुकसान पहुंचा है. इस अचानक बदले मौसम के चलते जहां एक ओर किसानों की चिंता बढ़ गयी है, वहीं बारिश के साथ तेज हवाओं से ठंड में इजाफा हुआ है.

उमरिया जिले में आज शाम तेज हवाओं के साथ आधे घंटे तक मूसलाधार वर्षा होने से तापमान में गिरावट आने से ठंड बढ़ गई है. शाम 4 बजे तेज हवाओं के बाद करीब आधे घंटे तक मूसलाधार बारिश होने से तापमान में जहाँ गिरावट दर्ज किया गया वहीं ठंड बढ़ गई है.

इस वर्षा से चने और मटर की फसल को नुकसान पहुंचने की बात किसानों ने बताई है. प्रदेश के हरदा जिले में आज सुबह से आसमान में गहराते बादल के चलते हल्की बूंदाबांदी के बीच कुछ स्थानों पर ओले गिरने की खबर है. जिले के ही गांव फुलड़ी, सिंदखेड़ा,धनगांव, झाड़बिड़ा, नजरपुरा, और वनांचल क्षेत्र के ग्रामों में भी बारिश हुई है.

इनमें कुछ स्थानों पर ओले गिरने से मौसम में आचानक ठंडक बढ़ी है.
रहटगांव और आसपास बारिश के साथ ओले गिरे है.राज्य के नरसिंहपुर जिले में भी कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और ओले गिरे है. यहां दिनभर बादल छाए रहने से सूर्य के दर्शन नही हुए. ठंडी हवाएं चलने के कारण वातावरण ठंडा हो गया है. जिले के गाडरवारा तहसील एवं तेन्दूखेडा तहसील के कुछ इलाकों में चने के बराबर ओले गिरने से किसानों की फसल को नुकसान होना बताया गया है.

मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि राज्य में मौसम का मिजाज फिलहाल कम से कम दो दिन तक ऐसा ही बने रहने की संभावना है. मौसम के रूख में विशेष बदलाव आने की उम्मीद नही है. न्यनूतम तापमानों ने मामूली रूप से गिरावट आ सकती है.

होगी नुकसान की भरपाई

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ओलावृष्टि से नुकसान का आकलन करने कलेक्टरों को निर्देश दिया. ट्विटर पर उन्होंने किसानों को विश्वास दिलाया कि वह चिंता न करें. ओलावृष्टि से जो भी नुकसान हुआ है सरकार उसकी भरपाई करेगी.

प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी आज दोपहर में बारिश के साथ चने के आकार के ओले गिरे, जिसके चलते मौसम में ठंडक घुल गयी. यहां सुबह से ही मौसम में बदलाव देखा गया. बादलों के चलते दोपहर तक धूप छांव का दौर बना रहा.

फिर अचानक मौसम बदल गया और हल्की बारिश और तेज हवाओं के साथ चने के आकार के ओले गिरे जिसके चलते मौसम ठंडा हो गया. कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चलने से दुकानों में लगे पोस्टर गिरने की सूचना है. हालांकि बाद में हल्की धूप खिल जाने से मौसम सुहावना हो गया. यहां करीब 13 मि.मि बारिश दर्ज किया गया.

चना-मसूर-तेवड़ा की फसल को नुकसान

विदिशा. बेमौसम वर्षा और कहीं-कहीं ओले गिरने से जिले में कई जगह खेतों में खड़ी चना-मसूर-तेवड़ा की फसलें तबाह होने की कगार पर पहुंच गई. रविवार को दोपहर करीब 2 बजे बादलों की गडगड़ाहट के साथ अनेक जगह झमाझम वर्षा हुई और कहीं-कहीं ओले गिरे जिससे खेतों में खड़ी चना-मसूर-तेवड़ा की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा. वहीं पहले की बोई गई गेहूं की फसल को नुकसान तो नहीं पहुंचा, लेकिन खतरा मंडरा रहा है. गुलाबगंज क्षेत्र के सनाबल, बड़ागांव और बासौदा रोड पर अंडिया में करीब 6-7 मिनिट ओले गिरे, जिससे तेवड़ा जमीन में दब गया. वहीं लटेरी में शाम करीब 5 बजे मामूली ओलावृष्टि के साथ बूंदाबांदी हुई.

आकाशीय गर्जना के साथ हुई मावठे की बारिश

ब्यावरा. किसानों के लिए खेत में पककर तैयार फसल कटाई का समय उत्साहित कर देने वाला होता है. ऐसे में यदि कोई प्राकृतिक आपदा आ जाये तो उस पर क्या गुजरेगी इसका अंदाजा लगाया जा सकता है.

फसलों पर संकट मंडराना स्वाभाविक है. ऐसे ही कुछ हालात रविवार नगर सहित जिले में अनेक जगह बन आये. तेज हवाओं के साथ मावठे की बारिश हुई. हालांकि इस मावठे से फसलों में नुकसान होना ही बताया जा रहा है. अगर कुछ दिनों पूर्व यह मावठा आता तो फसलों के लिए फायदेमंद होता. दो-तीन दिनों से आसमान में बादलों का डेरा बना है. ठंड का प्रकोप भी एक बार फिर बढ़ गया है.

किसान इसको लेकर चिंतित थे कि फसल कटाई पर है. मावठा आ जाता है तो इससे नुकसान ही पहुंचना है और यही हुआ रविवार प्रात: आकाशीय बिजली की तेज गर्जना, हवाओं के साथ बारिश होने लगी.

ब्यावरा, कुरावर, सुठालिया, पचोर आदि जगहों पर मावठा गिरा. कृषक मोतीलाल, हरिसिंह, दिनेश कुशवाह, गजराज ने बताया कि यदि एक माह पूर्व मावठा गिरता तो फसलों के लिए बेहद फायदेमंद होता. अब फसल कटाई के समय मावठे के हालात चिंतित कर देने वाले है. इससे फसलों को नुकसान ही है. ब्यावरा स्थित सुठालिया रोड निवासी कृषक जमनालाल कुशवाह ने बताया कि हवा, पानी से उनके खेत में कुछ गेहूं बिछ गये.

फसलों को होगा नुकसान: कृषि वैज्ञानिक

कृषि वैज्ञानिक जी एस कौशल ने बताया कि राज्य में जिन स्थानों पर ओले गिरे हैं. वहां पर फसलों को नुकसान होगा. ओले के गिरने से गेंहू और चने की खड़ी फसल की बालिया टूट कर गिर जाते हैं. जबकि पानी के गिरने से ऐसे फसलों को नुकसान नहीं होता है. आम पर लगे बोर पर ओले गिरने से नुकसान झेलना पड़ता है.

एक दर्जन से अधिक मवेशियों की मौत

वहीं छिंदवाड़ा जिले में आज तेज अंधड़ और बरिश के बीच बिजली गिरने से एक दर्जन गाय और तीन बकरियों की मौत हो गई. जिले की पीपला नारायणवार नगर पंचायत के समीपस्थ ग्राम बाहुली में बिजली गिरने से बारह गायें व तीन बकरियों की मौत हो गई. ये सभी मवेशी पानी गिरने के कारण एक स्थान पर खड़ी हुई थीं. तभी अचानक बिजली गिरने से ऐसे हादसे की शिकार हुई.

प्रदेश के छिंदवाड़ा, बुरहानपुर, ग्वालियर, झाबुआ, होशंगाबाद, जबलपुर, खंडवा, रायसेन, शिवपुरी, सिहोर इन स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बारिश और ओले गिरने की खबर है.