प्रभात चौराहे पर हुई सभा

भोपाल,

लगातार बढ़ रही बेरोजगारी के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध दिवस के तहत भोपाल में प्रभात चौराहे पर दोपहर 3 बजे से विरोध प्रदर्शन किया गया.

प्रदर्शन को संबोधित करते हुये एसयूसीआई की जिला कमेटी सदस्य कामरेड जौली सरकार ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी का आलम यह है कि ग्वालियर हाईकोर्ट में 57 पदों के लिये 60 हजार आवेदन आये, जिनमें कई आवेदनकर्ता एमए, बीएड और पीएचडी किये हुये भी थे. छात्रों को अपनी योग्यता अनुसार कहीं भी नौकरी नहीं मिल रही है.

प्रदर्शन को जिला सचिव कामरेड जैसी बरई ने संबोधित करते हुये कहा कि प्रदेश सरकार लगातार नौकरियां खत्म कर रही है. जो कर्मचारी रिटायर हो रहे हैं, उन पदों को समाप्त किया जा रहा है. प्रदेश में शिक्षकों की नियुक्ति पिछले 8 वर्षों से नहीं हुई है. लाखों युवा बीएड कर के घर पर बैठे हैं. केंद्र व राज्य सरकार लगातार ऐसी नीतियां लेकर आ रही है, जिनसे नौकरियां और कम हो रही हैं.

मोदी सरकार जो 2014 में हर साल दो करोड़ रोजगार देने का वादा करके सत्ता में आई थी, ने नोटबंदी लागू कर अभी तक 29 लाख रोजगार छीन लिये. पिछले दिनों खबर आई कि केन्द्र सरकार पिछले 5 साल से खाली पड़े 4 लाख केन्द्रीय पदों को समाप्त करने जा रही है.

खुदरा व्यापार में 100 प्रतिशत एफडीआई को लागू कर सरकार ने करोड़ों लोगों के रोजगार को छीनने की योजना बना ली है. इसी तरह प्रदेश सरकार प्रदेश के सरकारी स्कूलों को बंद करके बोरोजगारी को बढ़ाने का काम कर रही है. प्रदर्शन को अजय श्रीवास्तव एवं मुदित भटनागर ने भी संबोधित किया. प्रदर्शन का संचालन कामरेड विजय शर्मा ने किया. प्रदर्शन में काफी संख्या में छात्र, नौजवान व महिलायें शामिल थीं.